16 मार्च को दूज तिथि से मंदिर में परिवर्तित होने वाली ग्रीष्मकालीन समयसारिणी के अनुसार ठाकुरजी के दर्शन सुबह 7:45 खुलेंगे व 7:55 पर शृंगार आरती होगी। सुबह में 11 से 11.30 बजे तक राजभोग धराया जाएगा तथा 11:55 बजे राजभोग आरती संपन्न होगी। उसके बाद करीब 1 घंटे तक अपने सेवायतों द्वारा इत्र से मालिश कराकर बांकेबिहारी आराम करेंगे।
ये भी पढ़ें-
UP: रातोंरात मालामाल होने का दिखाया ऐसा सपना, कर्ज लेकर लगा दी रकम...डूब गए 51 लाख; जांच में जुटी साइबर सेल
शाम की सेवा में 5:30 दर्शन खुलेंगे एवं 8:30 शयनभोग अर्पित होगा और रात्रि 9:25 बजे शयनभोग आरती के दर्शन होंगे। इसके उपरांत सेवायतजन 1 घंटे तक आराध्य की इत्र से मालिश करने के पश्चात उन्हें शयन कक्ष में शयन कराकर बाहर निकल आएंगे। दर्शन का ये क्रम दिवाली बाद भाईदूज तक चलेगा।