द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर में जन्माष्टमी पर्व की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए मंदिर के दर्शन के समय में परिवर्तन किया गया है, जिसमें 25 को मंगला दर्शन प्रतिदिन के निर्धारित समय सुबह 6:30 बजे होंगे। ग्वाल और शृंगार के दर्शन एक साथ होंगे। बाकी सभी दर्शन निर्धारित समयानुसार होंगे।
26 को जन्माष्टमी के दिन मंगला के दर्शन प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे के बजाय 6 बजे से 6:15 बजे होंगे। 6:30 से पंचामृत अभिषेक के दर्शन, लगभग 8:30 बजे से आराध्य के शृंगार दर्शन होंगे। इसके बाद ज्योतिषाचार्य अजय कुमार तैलंग द्वारा जन्मपत्रिका का वाचन करेंगे। शाम को उत्थापन के दर्शन 7:30 बजे से होंगे। उसके बाद जागरण के दर्शन रात 10 बजे से एवं रात 11:45 पर जन्म के दर्शन होंगे।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि जन्माष्टमी की रात को देर तक आराध्य के जागने के के कारण दूसरे दिन 27 को सुबह आराध्य के पट 10 बजे खुलेंगे और भक्तों को नंद महोत्सव के दर्शन होंगे। शाम 4:30 से 5 बजे तक शयन के दर्शन के बाद मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि ठाकुरजी 27 को सुबह मंगला, शृंगार, ग्वाल के दर्शन न खुलकर सीधे 10 बजे नंद महोत्सव के दर्शन होंगे।