बीते नौ दिन से सीबीआई जिले में डेरा जमाए हुए है। मनरेगा से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के लिए सीबीआई अधिकारी तत्कालीन डीएम, सीडीओ और पीडी से जुड़ी फाइलें कुरेद रहे हैं।
जिले में मनरेगा की अनियमितताएं केंद्रीय एजेंसी की पकड़ में आ चुकी हैं। बीते करीब एक साल से यहां मनरेगा से जुडे़ रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। इसमें छाता तहसील के तीन ब्लॉक को जांच के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें नंदगांव, चौमुंहा और छाता ब्लॉक शामिल है। इन ब्लॉक के अंतर्गत संबंधित ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया है। तत्कालीन ग्राम प्रधान और मनरेगा के मजदूरों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
अब तो सीबीआई टीम ने पिछले गुरुवार से यहां एक बार फिर डेरा जमा दिया है। सूत्र बताते हैं कि इस बार सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आलाधिकारियों से जुडे़ रिकार्ड की पड़ताल करना शुरू कर दिया है।
इसमें तत्कालीन डीएम संतोष कुमार, तत्कालीन सीडीओ एनके पालीवाल और तत्कालीन पीडी डीपी मिश्रा का नाम शामिल बताया जा रहा है। सीबीआई इस मामले में बडे़ अधिकारियों के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। सीबीआई की जिले में मौजूदगी से मनरेगा से जुडे़ अफसरों में खलबली है।