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Mathura News: किसी संत का अपमान नहीं कर सकता

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वृंदावन। राधा कुटी आश्रम में संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार दिनेश फलाहारी को ब्रज रत्न से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के लिए उनके संघर्ष और त्याग के लिए दिया गया। इस अवसर पर फलाहारी ने कहा कि उन्होंने कभी किसी संत का अपमान नहीं किया।
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समारोह की शुरुआत श्रीकृष्ण रजत शिला के पूजन से हुई। संतों ने एक स्वर में दिनेश फलाहारी को ब्रज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि फलाहारी फलाहार लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का केस लड़ रहे हैं। संतों ने कुछ लोगों पर ईर्ष्यावश उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया। दिनेश फलाहारी ने कहा, कभी किसी भी संत का उन्होंने अपमान नहीं किया। उन्होंने भ्रामक बातें फैलाने वालों को भी जवाब दिया। महामंडलेश्वर रामकृष्ण महाराज और जूना अखाड़ा के प्रज्ञानंद गिरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की रजत शिला का पूजन देशभर में चल रहा है। अखाड़ा परिषद इस पूजन को अपना समर्थन दे चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भक्ति की शक्ति से परेशान हैं।
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फलाहारी के प्रयासों की सराहना

उद्योगपति रूप सिंह नागर और प्रशांत त्यागी ने दिनेश फलाहारी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फलाहारी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। यह लड़ाई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंच गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि मथुरा में जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा। बिहारी लाल वशिष्ठ और महामंडलेश्वर आदित्यानंद महाराज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ब्रजवासी की आलोचना कर कोई भी सनातनी नहीं कहला सकता। संत प्रेमानंद एक पूज्य संत हैं। दिनेश फलाहारी के त्याग को भी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सभी विवाद समाप्त करने और सनातन को मजबूती के साथ शिखर पर पहुंचाने का आह्वान किया।
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