जिले में 50 फीसदी कार्डधारकों को तो राशन मिल ही नहीं रहा है। मिट्टी का तेल बंटे तो महीनों बीत गए। शासन से लेकर प्रशासन तक हल्ला मचा है, लेकिन सुनवाई नहीं है। गरीब लोग गेहूं और चावल के लिए भटक रहे हैं।
मथुरा जिले में राशन की 773 दुकानों पर 6, 45000 कार्ड धारकों को पंजीकृत किया गया है। इन्हें हर माह गेहूं, चावल और मिट्टी का तेल बंटना चाहिए। इनमें 4, 70000 कार्डधारक तो ऐसे हैं जो नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के अंतर्गत पात्र गृहस्थी के रूप में चयनित हैं।
लेकिन इस एक्ट के मुताबिक न तो गेहूं मिल पा रहा है और न ही चावल। चीनी का तो जिक्र ही छोड़ दीजिए। मिट्टी का तेल तीन लीटर बंटना चाहिए तो केवल दो लीटर मिल रहा है। कहीं तीन महीने में एक बार बंट जाए तो भी बड़ी बात है। कालाबाजारी जबरदस्त है।
परेशान लोग कभी कलक्ट्रेट के चक्कर लगाते हैं तो कभी पूर्ति आफिस के, लेकिन पूरी मशीनरी ही राशन के मुद्दे पर खामोश है। कहीं न कहीं तो गड़बड़ी है।
अमर उजाला की हेल्पलाइन पर कीजिए शिकायत
यदि आपको राशन डीलर राशन नहीं दे रहा है। मानक के अनुसार गेहूं और चावल नहीं मिल रहा है तो तत्काल अपनी बात कह डालिए। अमर उजाला आफिस पर लिखकर भेज सकते हैं या फिर हमारे टेलीफोन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि हम आपकी शिकायतों का समाधान कराएं। राशन न बांटने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
इस नंबर पर कीजिए शिकायत
0565-2503330-2403330
जिले में राशन की दुकानें- 773
नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के लाभार्थी-470000
पूर्व की भांति राशन लेने वाले कार्ड धारक- 6, 45000
अंत्योदय कार्ड धारक (एनएफएसए)-41436
प्रति कार्ड धारक 35 किलो राशन। जिसमें 20 किलो गेहूं 15 किलो चावल
मिट्टी का तेल तीन लीटर प्रति कार्ड धारक
चीनी अंत्योदय को दो किलो प्रति कार्ड धारक