शाम 5 बजे डालू का बेटा योगेश, संजू के घर के सामने पटाखा चला रहा था। इसकी तेज आवाज से संजू के घर की दीवार पर लगी घड़ी गिरकर टूट गई। संजू ने योगेश से यहां पटाखा न चलाकर अपने घर के सामने पटाखा चलाने के लिए कहा।
इस पर योगेश ने संजू से अभद्रता शुरू कर दी। डालू के परिजन को पता चला तो संजू से कहासुनी करने लगे। रात को डालू घर आया तो उससे संजू ने योगेश की शिकायत की। इस पर दोनों के बीच फिर विवाद होने लगा। उसके बाद डालू ने तीनों बेटों के साथ संजू पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इसके बाद पूरा परिवार छत पर चढ़ गया। पथराव करने लगा। पथराव में ईंट लगने से और लाठी-डंडे के प्रहार से संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। संजू को बचाने के लिए उसके चाचा के लड़के दौलतराम और पुरुषोत्तम आए तो वह भी पथराव में ईंट लगने से घायल हो गए। पथराव से मोहल्ले में अफरातफरी मच गई।
घटना के बाद बाजार के दुकानदार शटर लगाकर इधर-उधर भागने लगे। इधर, संजू के अन्य परिजन को खबर लगी तो वह भी मौके की तरफ भागे। तीन भाइयों को लहूलुहान हालत में देख उनके होश फाख्ता हो गए। वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने संजू को मृत घोषित कर दिया। जबकि, दौलतराम और पुरुषोत्तम के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है।
सूचना पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी देहात त्रिगुण विषेन, थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज भाटी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने मृतक व्यापारी के भाई सुनील की तहरीर पर डालचंद उर्फ डालू और उसके पुत्र योगेश, मुकेश, राजकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार भाटी ने बताया कि आरोपी जल्द ही गिरफ्तार होंगे।