मथुरा के बाजना में किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्र में बनाए गए कई साधन सहकारी समितियों के भवन जर्जर हो गए हैं। क्षतिग्रस्त भवनों में खाद और बीज को सुरक्षित रखना कठिन हो गया है। इससे कर्मचारी और किसान परेशान हैं।
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नौहझील ब्लाक के दिलुपट्टी न्याय पंचायत में चार दशक पूर्व समिति के भवन का निर्माण कराया गया था। रख-रखाव के अभाव में यह जर्जर हो गया है। बरसात में छत से पानी टपकने के कारण सचिव और कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। खाद-बीज के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था नहीं होने से समय से पूर्व मिल रही खाद का उठान करने से सचिव कतराते हैं। वहीं मुदलिया साधन सहकारी समिति के बाहर की दीवारों में दरारें पड़ गईं हैं। कर्मचारी अंदर बैठने से डरते हैं।
कई वर्ष से यहां ताला बंद है। समिति का भवन ढहने के कगार पर हैं। समिति के सरपंच लोकेश अजय, सोनू, जहान, नानक सेठ, सतेंद्र का कहना है कि समितियों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में धान व गेहूं की खरीद कैसे की जा सकती है।