मथुरा। दस साल पहले जारी हुई बीएसए कॉलेज की फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) शिकायत के बाद हुई जांच में फर्जी पाई गई। अग्निशमन विभाग की ओर से मामले में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक शिकायत पर 2015 में बीएसए कॉलेज को जारी फायर एनओसी की जांच अपर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा को सौंपी गई थी। एक माह पहले उन्होंने सत्यापन कराने के लिए अग्निशमन विभाग को पत्र भेजा था। विभाग ने जब एनओसी का सत्यापन किया तो उन्हें कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। एनओसी पर 18 मार्च 2015 की तारीख दर्ज थी और तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा के हस्ताक्षर थे। ऐसे में विभाग ने हस्ताक्षर की प्रमाणिकता के लिए कानपुर नगर में तैनात दीपक शर्मा को पत्र भेजा था। दीपक शर्मा ने भेजे गए जवाब में एनओसी पर अपने हस्ताक्षर नहीं है। ऐसे में यह प्रमाण पत्र फर्जी साबित हो गए।
इसके बाद बुधवार को अग्निशमन अधिकारी नरेश कुमार ने कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध फर्जी एनओसी तैयार करने का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं बीएसए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ललित मोहन शर्मा ने बताया कि मामला उनकी तैनाती से पूर्व का है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी एनओसी के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है।