ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में रविवार को यमुना मुक्ति के लिए मान मंदिर, पुष्टीय मार्ग और भाकियू (भानु) के कार्यकर्ताओं ने एक साथ आवाज उठाई। रमणरेती मार्ग पर जाट धर्मशाला में यमुना मुक्तिकरण अभियान के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया।
कार्यालय का उद्घाटन करते हुए रमेश बाबा ने कहा कि यमुना की रक्षा के लिए आज पूरे ब्रज को घर से निकलना होगा। यमुना ब्रज की शान है, ब्रजवासियों की मां है। उसकी रक्षा हम सभी का कर्तव्य है। हम सभी नि:स्वार्थ भाव से यमुना मुक्ति अभियान में सहभागिता करें। हरिकृपा से यमुना ब्रज में आकर ही रहेगी। उन्होंने कहा कि 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण यात्रा ऐतिहासिक होगी। इस दौरान गोकुल पीठाधीश्वर पंकज बाबा ने कहा कि आज ब्रज में यमुना का जल ही न रहना हम सभी का दुर्भाग्य है। प्रकृति प्रेमियों, यमुना भक्तों और ब्रजवासियों को संगठित होकर यमुना के लिए प्रयास करना होगा। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह और यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने यमुना मुक्ति का संकल्प दोहराया। इससे पूर्व संत रमेश बाबा, महंत हरिबोल बाबा, पंकज बाबा और राधा कांत शास्त्री ने ठाकुरजी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यालय का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर श्याम चतुर्वेदी, रतन सिंह पहलवान, श्रीचंद्र चौधरी, श्रीदास प्रजापति, सोहनलाल, भगवानदास चौधरी, अश्विनी शर्मा, राघव भारद्वाज, रोहतान सिंह, बलवीर सिंह, रामगोपाल सिकरवार, अजय सिकरवार, ठाकुर रमेश सिकरवार, ऊषा सिंह, रामविनोद भट्ट, पुष्पा सिंह, ओमप्रकाश पचौरी आदि उपस्थित थे।
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आंदोलन की प्रदर्शनी लगाई
वृंदावन (ब्यूरो)। केंद्रीय कार्यालय पर वर्ष 2010 से अब तक यमुना मुक्ति के लिए किए गए आंदोलन और प्रयासों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी को देख यमुना भक्तों के मन में अतीत के आंदोलन की स्मृतियों जाग्रत हो गई। उद्घाटन समारोह में आए आगंतुकों के लिए प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। अभियान द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में यमुना आंदोलन और यमुना मुक्ति के प्रयासों में सहयोग करने वाली संस्था और यमुना भक्तों के योगदान को भी दर्शाया गया है।