राधाकुंड। पद्मश्री संत रमेश बाबा के सानिध्य में चल रही श्रीराधा रानी ब्रज यात्रा शनिवार को श्रीराधा रानी की ननिहाल गांव मुखराई पहुंची। यात्रा का छटीकरा, राल, जुल्हैदी, बसौंती, सूर्यकुंड में भव्य स्वागत किया गया।
मुखराई होते हुए यात्रा अगले पड़ाव स्थल पहुंची। रास्ते में ब्रजयात्री बाल साध्वी अनीता देवी के भजनों पर नृत्य करते नजर आए। गांव मुखराई में लोगों ने यात्रियों का स्वागत कर पुआ, मिठाई, चाय-नाश्ता कराया। यात्रियों ने मंदिरों और कुंडों के दर्शन कर आचमन किया। बाबा नरसिंह दास, ब्रज शरण दास, ब्रज दास, राधाकांत शास्त्री, शंकर द्विवेदी, प्रभु दास, राजकुमार शास्त्री, नीलमणि आदि साथ रहे। संवाद
वहीं कार्तिक मास में बड़ी संख्या में सुबह भक्त राधा-श्याम कुंड में स्नान व परिक्रमा और शाम को दीपदान कर रहे हैं। इससे मिट्टी के दीपकों की बिक्री बढ़ रही है। बाहर से आने वाले भक्त राधाकुंड के राधा-श्याम कुंड संगम, गोपाल घाट, गऊघाट, पांच पांडव घाट पर दीपदान कर राधा-कृष्ण का स्मरण कर रहे हैं। जल पर तैरते दीपक अपनी छटा बिखेर रहे हैं। राधारानी परिक्रमा मार्ग के प्राचीन मंदिरों में भी भक्त दर्शन व दीपदान कर रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में जलने वाले दीपक मंदिरों के आंगन को जगमग कर रहे हैं।
श्रृद्धालु ढप, ढोल, मृदंग, मजीरों के साथ राधारानी और गिरिराजजी की परिक्रमा कर रहे हैं। कुछ महिलाएं तुलसी के पौधे को सिर पर रख हरि नाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा लगा रही हैं। गिरिराज संत सेवा आश्रम के महंत राधा मोहन दास रघुनाथ सिद्ध ने बताया कार्तिक मास में मंदिर और तालाबों के किनारे दीपक जलाने से व्यक्ति के जीवन में हमेशा भक्ति का प्रकाश रहता है।