मथुरा। दिवाली पर ज्यादा काम करने के कारण परिवहन निगम के चालक-परिचालक समेत अन्य स्टाफ अवकाश पर चला गया है। इसके कारण बसों के संचालन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मथुरा से संचालित प्रत्येक मार्ग पर बसों की संख्या कम हो गई है। अधिकारी चालक-परिचालकों को फोन करके बुला रहे हैं लेकिन चालक-परिचालक दिवाली पर थकान और बीमारी का हवाला देकर काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
दिवाली पर परिवहन निगम ने 27 अक्तूबर से 6 नवंबर तक पूरे 10 दिन तक लगातार ड्यूटी करने वालों के लिए प्रोत्साहन स्कीम लागू की थी। प्रोत्साहन स्कीम का लाभ लेने के लिए चालक-परिचालकों ने लगातार 10 दिन तक ड्यूटी की। पूरे 10 दिन तक चालक परिचालकों के साथ अन्य कर्मचारी भी दिन रात बसों का संचालन कराने में व्यस्त रहे लेकिन जैसे ही प्रोत्साहन स्कीम खत्म हुई और दिवाली की भीड़ कम हुई। चालक परिचालक छुट्टी लेकर चले गए हैं। अब निगम के अधिकारी उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
अधिकांश चालक परिचालक बीमारी और थकान का हवाला देकर अभी ड्यूटी पर लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके कारण मथुरा डिपो की बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। जिस मार्ग पर मथुरा डिपो की दो गाड़ी चलती थीं, उस मार्ग पर एक गाड़ी को चला कर खानापूर्ति की जा रही है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रोडवेज बसों की कमी के कारण उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्टाफ की कमी से इन मार्गों पर हो रही परेशानी
चालक-परिचालकों की कमी के कारण सबसे अधिक आगरा, दिल्ली, अलीगढ़, फिरोजाबाद, हाथरस, बरेली, मुरादाबाद, जयपुर मार्ग के यात्रियों को बसें न होने से परेशानी हो रही है। मथुरा के यह मार्ग परिवहन निगम की कमाई का सबसे बड़ा जरिया हैं। इन मार्गों पर निगम बसों का संचालन तो करा रहा है लेकिन पूर्व की तुलना में गाड़ियों की संख्या घटा दी गई है।
कुछ चालक-परिचालक छुट्टी पर गए हैं। इसके कारण संचालन कुछ हद तक प्रभावित है लेकिन अनुबंधित बसों से काम चलाया जा रहा है। ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जल्द ही स्टाफ लौट आएगा तो परेशानी खत्म हो जाएगी।
-मदन मोहन शर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक