फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना की मुक्ति का संकल्प लेकर बढ़े ब्रजयात्री

Wed, 14 Sep 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
यमुनाभिषेक
विज्ञापन

विज्ञापन
गोपाल कृष्णा, राधे कृष्णा। श्री यमुना महारानी और श्रीगिरिराज की जय। जयघोषों के साथ 15 साल बाद ब्रज में आए द्वारिकाधीश मंगलवार को डोला में विराजमान होकर ब्रज भ्रमण को निकले। उनके साथ हजारों की संख्या में यात्री भजन संकीर्तन करते चल रहे हैं। आज सुबह सात बजे ब्रज चौरासी कोस की यात्रा विश्राम घाट से मधुवन के लिए प्रस्थान करेगी। 

द्वारकेश लाल महाराज और पुरुषोत्तम लाल जी के सानिध्य में सुबह विश्राम घाट पर यमुना पूजन कराया गया। इस अवसर पर यात्रियों यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने का संकल्प लिया। इससे पहले राधेश्याम आश्रम से प्रभु का भव्य डोला निकाला। 
विज्ञापन


प्रभु के विग्रह के इस डोले को कंधों पर उठाने की होड़ लगी रही। यात्री भजन संकीर्तन करते चल रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती उतारकर स्वागत किया गया। शाम को मथुरा तीर्थ की अंतगृही परिक्रमा की गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से यात्रा प्रबंधक राकेश तिवारी, विजेंद्र भाई, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, दीपेंद्र कुमार, अजय चतुर्वेदी, देवदत्त देवो पंडित आदि मौजूद थे। 

मथुरा के इन मंदिरों के किए दर्शन
चिचिका देवी मंदिर, मदनमोहन मंदिर रामघाट, रामजीदास मंदिर, सात स्वरूप बैठक गली सतघड़ा, श्रीनाथ श्रीचरण दर्शन तुलसी चबूतरा, गोपाल पीठ, दीर्घविष्णु मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर आदि बारह, शेष वराह, मानिक चौक दशभुजी गणेश, नरसिंह मंदिर, चौबच्चा मोहल्ला स्थित प्राचीन मंदिर। 
विज्ञापन


गुजराती बने ब्रजवासी 
ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में शामिल होने आए अहमदाबाद, सूरत, काठियावाड़, बड़ौदा, भरुच आदि क्षेत्र के यात्री ब्रज में आकर ब्रज के रंग में रंग गए। सिर पर टोपी, बदन पर बगलबंदी के साथ ये यात्री ब्रज की वेशभूषा धारण किए हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें