मथुरा। श्री बांके बिहारी मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
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वृंदावन। गोवर्धन में चल रहे मुड़िया पूर्णिमा मेले, रविवार की छुट्टी (सप्ताहांत) और एकादशी की त्रिवेणी में ब्रज डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के कारण जगह-जगह जाम के हालात बन गए। 10 मिनट की दूरी भी एक घंटे में तय हो पाई। मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। खासकर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस व सुरक्षा गार्डों के पसीने छूट गए।
वृंदावन में शनिवार और रविवार को भीड़ और दिनों से ज्यादा रहती है। दिल्ली व गुरुग्राम से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन इस समय गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला चल रहा है। दूसरा रविवार को एकादशी भी थी। इस कारण श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा बढ़ गई। भोर से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों की ओर बढ़ने लगे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, वैसे-वैसे भीड़ का दबाव बढ़ता गया। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हो गए। मंदिर के अंदर और बाहर धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। वहीं, उमस भरी गर्मी ने भक्तों की परेशानी और बढ़ा दी।
ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से जाम में फंस गई। मुख्य मार्गों के साथ-साथ संकरी गलियों तक में पैदल चलना मुश्किल हो गया। खासतौर पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी ने हालात और बिगाड़ दिए। बिना किसी नियंत्रण के चल रहे ई-रिक्शा गलियों में यातायात बाधित करते रहे, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई।
प्रशासन के प्रयास नाकाफी
भीड़ नियंत्रित करने और व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि सारे प्रयास नाकाफी साबित हुए। कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। किसी प्रकार लोगों ने बीच में आकर माहौल को शांत किया। भीड़ का असर स्थानीय जनजीवन पर भी पड़ा। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाहर निकलने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में धैर्य बनाए रखें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आपसी सहयोग से दर्शन करें। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो दिनों तक और भी अधिक भीड़ संभावित है, इसलिए श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं।