वृंदावन। आचार्य श्रीहरि शास्त्री ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान एवं ब्राह्मणों की शिखा को खींचकर घसीटने की घटना ने सत्ता का पतन सुनिश्चित कर लिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से माफी मांगने को कहा। चेतावनी दी यदि माफी नहीं मांगी तो स्वाभिमान यात्रा के तहत ब्रज में अभियान चलाया जाएगा।
यह बात उन्होंने बुधवार को उड़िया बाबा आश्रम में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा एवं ब्रज धर्माचार्य परिषद की संयुक्त बैठक में कही। ब्रज प्रदेश अध्यक्ष बिहारी लाल वशिष्ठ ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई अभद्रता की निंदा की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया जब तक प्रदेश सरकार माफ़ी नहीं मांगती स्वाभिमान यात्रा के तहत ब्रज में अभियान चलाया जाएगा। महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि सत्ताएं जब मद में चूर हो जाती हैं, तब वह धर्म गुरुओं का अपमान करती हैं। उधर ब्राह्मण महासभा ने ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में बैठक कर माघ मेला में बटुकों को स्नान करने से रोकने एवं शंकराचार्य के साथ अभद्रता करने की कड़ी निंदा की गई। महासभा के संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा एवं भागवताचार्य मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि शिखा, तिलक एवं यज्ञोपवीत ब्राह्मण की पहचान है। इस अवसर पर अजय शर्मा, बालकृष्ण शर्मा, सुरेशाचार्य, एनपी शर्मा, धर्मेंद्र गौतम लीला, हरिरावत, राजेश चतुर्वेदी, पुंडरीक कृष्ण, गोविंद त्रिपाठी, रामकृष्ण, राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।