लोकसभा चुनाव 2014 में हेमामालिनी ने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को करीब तीन लाख वोटों से हराया था। वहीं लोकसभा चुनाव 2019 में उन्होंने रालोद के ही कुंवर नरेंद्र सिंह को रिकॉर्ड वोटों से हराया था। वह भी तब जब मथुरा को रालोद का ही गढ़ माना जाता रहा है। जबकि कभी बेहतर जनाधार वाली पार्टी रही कांग्रेस पिछले कई चुनावों में हाशिए पर चली गई, लेकिन विजेंदर सिंह के चुनाव मैदान में उतरने के बाद मुकाबला रोचक हो जाएगा।