वृंदावन। बॉलीवुड के सुपरस्टार धर्मेंद्र सिने जगत के ऐसे सितारे थे, जो जहां भी जाते थे सरलता और सादगी से लोगों को अपना मुरीद बना लेते थे। बॉलीवुड में भले ही ही मैन के नाम से जाने जाते थे मगर ब्रजवासियों के लिए वह कूल मैन थे। उनके निधन की खबर मिलने पर ब्रज के लोग दुखी हो गए। ब्रजवासियों ने उनके साथ बिताए लम्हों को याद किया और उन्हें नमन किया।
मथुरा-वृंदावन की सांसद हेमामालिनी के पति धर्मेंद्र का ब्रजभूमि से काफी गहरा लगाव रहा है। यहां के लोगों से वह आत्मीय रूप से जुड़े हुए थे। उन्हें ब्रज के लोगों से जब बात करने का मौका मिलता था तो वह चूकते नहीं थे। कभी-कभी वह खुद भी यहां के लोगों को फोन मिलवाकर बात कर लेते थे। ब्रज के कई लोग उसने सीधे जुड़े हुए थे। समाजसेवी अनूप शर्मा ने बताया कि वह भले की सिनेमा जगत के ही मैन थे, लेकिन ब्रज के लिए वह कूल मैन थे। उनसे कई बार बातचीत हुई, हर बार उनके अंदाज ने यह सिखाया कि जिंदगी में कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। वह युवाओं को आगे बढ़ने की सीख भी देते थे। कभी यह फील नहीं होने देते थे कि आप इतने बड़े सुपरस्टार से बात कर रहे हो।
कॉल से भी निभाया रिश्ता
बीमार होने के बाद भी धर्मेंद्र ने ब्रज के लोगों से जुड़ाव बनाए रखा। हाल ही में उन्होंने कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण सिंह एवं अन्य स्थानीय लोगों से वीडियो कॉल के जरिए संवाद किया और कहा कि आप सबका प्यार मेरी ताकत है। इस पर उनसे पूछा गया कि मथुरा कब आएंगे तो उन्होंने कहा कि जब भी बुलाओगे, हाजिर हो जाऊंगा। स्थानीय लोगों का कहना है, वो चाहे बड़े अभिनेता रहे, लेकिन हमारे यहां सहज और सरल धरम पाजी ही रहे।
सामाजिक आयोजनों में हिस्सेदारी और हर वर्ग से आत्मीयता
समाजसेवी अनूप शर्मा ने बताया कि वर्ष 2015 के मथुरा के ब्रज महोत्सव में जब धर्मेंद्र मंच पर आए तो उनकी सादगी, मुस्कान और बात करने का ढंग सबको अपना बना गया। वर्ष 2018 में वृंदावन में सांसद हेमामालिनी नए घर के गृह प्रवेश के मौके पर सैकड़ों लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे, जहां धर्मेंद्र सभी के साथ घुलमिल कर ब्रज के किस्से-संस्मरण साझा करते रहे। चुनावी हलचल के बीच भी वे दो बार ब्रज में आए और हर बार खुले मंच से लोगों के स्नेह और श्रद्धा की सराहना करते दिखे।
1200 किमी दूर से धर्मेंद्र को देखने पहुंचे थे लोग
ओमेक्स इंटरनिटी निवासी पंकज मुद्गल का कहना है कि धर्मेंद्र हमारे दिलों में जिंदा हैं। वहीं ओमेक्स निवासी रवि चौहान का कहना है कि धरम पाजी ब्रज में जब भी आते थे तो वह उनको देखने के लिए अवश्य पहुंचते थे। साल 2015 में उनके आने की खबर मिलते ही वह 1200 किमी दूर से उन्हें देखने के लिए आए थे। वह उन दिनों कोलकाता में थे। उनका हाथ हिलाकर ब्रजवासियों से अभिवादन करना ही लोगों को उनकी ओर आकर्षित कर लेता था। वह ब्रज के लोगों का बहुत सम्मान करते थे।