यूपी बोर्ड परीक्षा में डीआईओएस कार्यालय की ओर से निर्धारित दूरी से अधिक दूरी पर बनाए गए तीन परीक्षा केंद्रों को कोर्ट ने बदल दिया है। अपने विद्यालय के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में परेशानी को देखते हुए विद्यालय संचालकों ने न्यायालय की शरण ली थी।
डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा विभाग में कार्यरत लिपिकों द्वारा परीक्षा केंद्र बनाए जाने में धांधली का यह एक और नमूना है। इसमें सुविधा शुल्क लेकर परीक्षा केंद्र बनाने से लेकर छात्र-छात्राओं की शिफ्टिंग भी शामिल रही।
यहां तक कि उन्होंने इसमें निर्धारित दूरी के मानकों की भी अनदेखी की। केंद्र निर्धारण में धांधली के आरोपों के कारण शासन के निर्देश पर डीआईओएस भास्कर मिश्रा को लखनऊ संबद्ध किया जा चुका है। वहीं लिपिक बच्चू को स्थानांतरित कर दिया गया।
यह बदले गए परीक्षा केंद्र
- बांकेबिहारी उमा विद्यालय नगरिया शेरनी के हाईस्कूल के 99 छात्रों का परीक्षा केंद्र डीसी वैदिक इंटर कालेज गजू को निरस्त करते हुए बालकों की परीक्षा बांकेबिहारी उमा विद्यालय में ही दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
- शिवचरन इंटर कालेज पालीडूंगरा की हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं के अन्य कालेजों को बनाए गए परीक्षा केंद्र निरस्त करते हुए स्वकेंद्र बना दिया गया है।
- एसबीएस इंटर कालेज खेरिया नीमगांव की हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं का परीक्षा केंद्र डीसी वैदिक इंटर कालेज गजू से बदलकर तिलक सिंह इंटर कालेज नीमगांव और हाईस्कूल के छात्रों का रामजीलाल उमा विद्यालय पंडवा मांट कर दिया गया है।