भाजपा के जिलाध्यक्षों की पहली लिस्ट जारी होने के बाद एक बार फिर मथुरा में जिलाध्यक्ष पद के लिए सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अपनी-अपनी गोट बिठाने में लंबे समय से जुटे दिग्गजों ने फिर अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
ब्राह्मण लॉबी वैश्य वर्ग से जिलाध्यक्ष बनाना चाहती है जिससे की विधानसभा सीट के लिए वह अपनी उम्मीदवारी जता सके, वैश्य लॉबी इसी उद्देश्य से ब्राह्मण वर्ग से जिलाध्यक्ष बनाना चाहती है। इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो अब तक पार्टी के लिए दुश्वारियां खड़ी करते रहे हैं।
प्रदेश में भाजपा को नया अध्यक्ष मिलने के बाद अब जिलाध्यक्ष पद पर भी नई तैनाती का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश में 13 जनपदाें के लिए अध्यक्ष की घोषणा होने से यह हलचल बाकी जनपदों में और बढ़ गई है। इस सूची में मथुरा का नाम भी शामिल है।
संभावना व्यक्त की जा रही है कि मई के प्रथम सप्ताह तक अधिकांश जिलों में जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए जाएंगे। ऐसे में वर्तमान जिलाध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही अपनी दावेदारी जता रहे लोगों ने एक बार फिर इसके लिए पैरोकारी शुरू कर दी है।
इस पैरोकारी में वह लोग भी शामिल हो गए हैं, जिन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट चाहिए। ब्राह्मण लॉबी की कोशिश अन्य जाति वर्ग को जिलाध्यक्ष बनवाने की है। खासकर वैश्य वर्ग का जिलाध्यक्ष बनवाने की कोशिश की जा रही है। इसी तरह विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण लॉबी का पत्ता काटने के लिए अन्य वर्ग की कोशिश जिलाध्यक्ष ब्राह्मण बनाए जाने की है। शहर में विधानसभा सीट के लिए ब्राह्मण और वैश्य वर्ग के उम्मीदवारों की प्रबल दावेदारी रहती है।
वर्तमान में वर्तमान जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, पूर्व सांसद तेजवीर सिंह, पदम सिंह शर्मा, संजय प्रताप सिंह, राजकुमार अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, नरेन्द्र सिकरवार सहित कुछ और नाम नए जिलाध्यक्ष के लिए चर्चा में हैं। कोशिश ऐसे भी लोग कर रहे हैं, जो चेयरमैन के चुनाव में पार्टी के लिए नासूर बनकर सामने आए थे।