बरेली के सौरभ कश्यप 27 दिनों तक कीलों की सेज पर दंडवती लगाते हुए वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने श्रीबांकेबिहारी के दर्शन कर ब्रज चौरासी कोस यात्रा की शुरुआत की।
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने के लिए बरेली से कीलों की सेज पर दंडवती लगाते हुए एक भक्त वृंदावन पहुंचा। पिछले 27 दिन से दंडवती यात्रा कर वह संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। संत के दर्शन के बाद उन्होंने ठा. श्रीबांकेबिहारी के दर्शन किए और ब्रज चौरासी कोस यात्रा शुरू की।
बरेली के गांव व्याेधन खुर्द निवासी सौरभ कश्यप सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनकर इतने प्रभावित हुए कि उनके दर्शन के लिए कीलों की सेज पर दंडवती लगाते हुए वृंदावन आए। सौरभ उनके साथी गोपी के साथ पहिया लगे लकड़ी के पट्टे में कीलें लगाकर उन पर बरेली से वृंदावन तक दंडवती लगाते हुए यहां 27 दिन में पहुंचे हैं।
सौरभ ने कहा कि वह प्रतिदिन संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनते हैं। वह राधे-राधे नाम का जप भी करने लगे हैं। युवक ने बताया कि वह कोई मनोकामना लेकर नहीं संत प्रेमानंद और ठाकुरजी के दर्शन करने के लिए धर्म यात्रा कर आए हैं। यह यात्रा भी संत और ठाकुरजी की कृपा से ही संभव हुई है।