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फर्जी वीजा-पासपोर्ट बनवाने वाला बांग्लादेशी रिपोर्ट दर्ज होते ही फरार

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वृंदावन (मथुरा)। दस वर्ष से वृंदावन में रह रहे एक बांग्लादेशी ने खुद को भारत का नागरिक बताकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर अपना वीजा और पासपोर्ट बनवा लिया। इस मामले में एक साल से उसकी जांच-पड़ताल में जुटी एलआईयू ने सोमवार को बांग्लादेशी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगते ही वह फरार हो गया।
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केशीघाट स्थित एक आश्रम में दस वर्ष से रह रहे सच्चिनंद दास ने अपना जन्म यहां के राजपुर गांव में बताकर एक साल पहले फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कर पासपोर्ट और वीजा बनवा लिया था। उसी दौरान उसने उस पासपोर्ट व वीजा के आधार पर बांग्लादेश जाने की कोशिश की थी। लेकिन भारत की सीमा पर उसके पासपोर्ट और वीजा पर संदेह जाहिर करते हुए अधिकारियों ने उसे वापस कर दिया गया था साथ ही उसके इन प्रपत्रों की जांच के निर्देश दिए।
तभी से एलआईयू उसकी जांच पड़ताल में जुटी थी। जांच में उसका जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और वीजा सहित सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। यह भी पता चला कि डेढ़ वर्ष पूर्व रंगजी पुलिस चौकी प्रभारी ने भी फर्जी वैरीफिकेशन रिपोर्ट बना डाली थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर सच्चिनंद दास का पासपोर्ट बन गया।
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इस मामले में सोमवार को एलआईयू जांच अधिकारी उमेश शास्त्री ने कोतवाली में आरोपी सच्चिनंद दास के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेशी सच्चिनंद दास बगैर किसी दस्तावेजों के करीब 10 वर्ष पूर्व बांग्लादेश से आकर वृंदावन के आश्रम में रह रहा था। उसने एक संत को गुरु बना लिया। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट व वीजा भी बना लिया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। जांच और रिपोर्ट की पता लगते ही वह भाग गया है।
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