प्रेमानंद महाराज ने कहा कि सनातन वायु है, सूर्य है, भूमि है, बिना सनातन के किसी की सत्ता नहीं है। संत प्रेमानंद ने कहा कि बीमार शरीर है, लेकिन मैं हृदय से बात करूंगा। तभी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि प्रभु यह तो सब आपकी लीला है, कभी कभी हम भी कह देते हैं कि यह तो बुढ़ापे का शरीर है। इस बात पर प्रेमानंद महाराज खूब जोर जोर से हंसने लगे। उन्होंने लगभग 40 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की।
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संत के स्वास्थ्य को लेकर बेचैन हो गए थे भक्त
गौरतलब है कि दो अक्तूबर को श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम की ओर से सोशल मीडिया एक संदेश डाला गया कि संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के चलते पदयात्रा कुछ दिन स्थगित रहेगी। इस यात्रा के बंद होने के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी वीडियो और संदेश की बाढ़ आ गई थी। कोई उनके अस्पताल में भर्ती होने की वीडियो डालने लगा तो कोई किसी ने अन्य अफवाहों की वीडियो जारी कीं थीं। लोगों में महाराज के स्वास्थ्य को लेकर बेचैनी हो गई थी।
महाराज के अनुयायी मथुरा-वृंदावन ही नहीं, बल्कि कई देश और विदेशों में भी है। बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई कलाकार भी महाराज में आस्था रखते हैं। वह कई बार मिलने भी आ चुके हैं। जब लोगों में बेचैनी बढ़ी तो कई लोग महाराज का स्वास्थ्य हाल जानने के लिए उनके आश्रम पहुंचे थे। जहां पता लगा कि महाराज का हाल इतना भी खराब नहीं है। वह एकांतिक वार्तालाप कर रहे हैं। संत प्रेमानंद महाराज ने एकांतिक वार्तालाप के दाैरान खुद ही स्पष्ट कर दिया कि वह बिल्कुल ठीक हैं। कुछ लोग बेवजह ही भ्रम फैला रहे हैं। तब जाकर लोगों को कुछ शांति मिली। वहीं संत प्रेमानंद महाराज ने आश्रम से बाहर आकर भी दर्शन दिए। संत महाराज रविवार को अल सुबह आश्रम से कुछ दूरी तक पैदल चले थे। इसकी जानकारी लोगों तक पहुंची तो आश्रम के बाहर लोगों की भीड़ लग गई थी। इसके बाद सोमवार सुबह आश्रम से लेकर रमणरेती मार्ग में सड़क के दोनों ओर भीड़ जमा हो गई। सड़कों पर भक्तों ने रंगाेली बनाई और जगह-जगह फूल बिछाए। श्रृद्धालुओं ने कहा कि महाराज की यात्रा दोबारा शुरू होने से लोगों को उनके दर्शन आराम से होंगे।
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