दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के कोेने-कोने से आए दंपतियों ने इस क्षण को अपने जीवन का सबसे पवित्र पल बताया। जिनकी चिकित्सा थक गई थी उनके लिए यह डुबकी विश्वास की आखिरी उम्मीद बन गई।
घाटों पर दीपदान का मनमोहक दृश्य
महिलाओं ने रंगोली बनाकर दीप सजाए। जल में झिलमिलाती लौ के बीच श्रद्धालु राधा नाम जपते रहे। इस्कॉन के भक्तों ने हरे कृष्णा... हरे राम के भजन गाए और राधाकुंड का आकाश भक्ति से भर गया। विदेशी श्रद्धालु भी इस आध्यात्मिक स्नान में शामिल हुए और राधारानी की महिमा का गुणगान करते नजर आए।
आस और विश्वास के साथ आए दंपती
पंजाब की रजनी यादव ने बताया कि शादी को पांच साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक संतान नहीं हुई। राधारानी से यही प्रार्थना है। कि मेरे आंगन में भी किलकारी गूंजे। नोएडा की प्रेमलता और दिल्ली की सोनिया ने भी संतान प्राप्ति की कामना से स्नान किया। भीड़ को देखते हुए स्थानीय युवाओं की टोली सेवा में जुटी रही। गोताखोरों ने स्नान करने वालों की सहायता की।
प्रशासन ने भी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने स्थल का निरीक्षण किया। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र की निगरानी की जाती रही। रातभर राधाकुंड भक्ति के स्वर से गूंजता रहा, जब भोर की पहली किरणें कुंड के जल पर पड़ीं तो ऐसा लगा मानो हर बूंद में राधा रानी की कृपा उतर आई हो। जिनके जीवन में उम्मीद सूख चुकी थी उनके चेहरों पर अब नई चमक थी।
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