जवाहर बाग को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने सेना से मंत्रणा शुरू कर दी है। गुरुवार कलक्ट्रेट सभा कक्ष में डीएम और एसएसपी ने सेनाधिकारियों के साथ एक के बाद एक दो बैठक की। आपसी समन्वय के लिए हुई बैठक में जवाहर बाग पर कार्रवाई के दौरान सेना के सहयोग पर चर्चा की गई।
कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सेना के अफसरों के साथ समन्वय बैठक में डीएम राजेश कुमार, एसएसपी डा. राकेश सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के आलाधिकारी मौजूद रहे। पहली बैठक में सिविल एरिया और छावनी क्षेत्र की जन समस्याओं पर मंथन किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए।
इसके बाद डीएम राजेश कुमार, एसएसपी डा. राकेश सिंह, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और सेना की स्ट्राइक वन कोर के अधिकारियों ने गोपनीय कक्ष में बैठक की। इसमें जवाहर बाग पर कार्रवाई के दौरान आपसी समन्वय पर चर्चा की गई। बता दें कि जवाहर बाग के निकट सेना के सोल्जर बोर्ड का कार्यालय और स्ट्राइक वन कोर कार्यालय मौजूद हैं।
जवाहर बाग पर कब्जा करने वालों की निरंतर बढ़ रही गतिविधियां सेना के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने जवाहर बाग पर कब्जा जमाए लोगों की गतिविधियों से सेनाधिकारियों को अवगत कराया।
बाउंड्रीवाल तोड़ बनाए रास्ते
जवाहर बाग की बिजली सप्लाई रोकने के बाद अब प्रशासनशिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार तड़के एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव ने पुलिस और पीएसी के साथ जवाहर बाग के आसपास बाउंड्रीवाल का निरीक्षण किया। इसमें पूर्व की ओर जेल कालोनी, पश्चिम की ओर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड के पीछे की बाउंड्रीवाल और पूर्व उत्तर की ओर पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे की बाउंड्रीवाल देखी। यहां कथित सत्याग्रहियों ने बाउंड्रीवॉल तोड़कर आवागमन के रास्ते बना लिए हैं। दोनों अधिकारी इन रास्तों को देख अचंभे में रह गए। तीनों रास्तों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि सत्याग्रही जरूरी सामान के लिए इन रास्तों का प्रयोग कर रहे हैं। रास्तों के आसपास पुलिस पिकेट बैठा दी है।
चोरी छिपे बेच दिए बेलगिरी के फल
जवाहर बाग में बेलगिरी करीब 100 पेड़ हैं। इन दिनों इन वृक्षों पर फल आ रहे हैं। जवाहर बाग में कोई सरकारी कर्मचारी और रक्षक प्रवेश नहीं कर पा रहा। इसी का फायदा उठाकर कब्जा जमाए लोगों ने बेल गिरी के फल तोड़कर मंडी में बेच दिए।