मथुरा। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में हंगामा हुआ। जनपद के अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग को दवा सप्लाई करने वाले सप्लायर और सीएमओ के बीच भुगतान को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दवा सप्लायर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में हंगामा खड़ा कर दिया। दवा सप्लायर का आरोप है कि सरकार के टेंडर के अनुसार उन्होंने सामान की सप्लाई की लेकिन नौ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी उनका पेमेंट अटका रखा है। अब उन्हें ब्लैक लिस्टेड करने तक की धमकी दी जा रही है।
बृहस्पतिवार की शाम कलक्ट्रेट सभागार में सांसद हेमा मालिनी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक हुई थी, जिसमें सांसद ने पीकू वार्ड में लगवाए गए बेड को बदलकर उनके स्थान पर नए बेड लगवाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए थे।
कानपुर के दवा सप्लायर राजेश शुक्ला की फर्म से पीकू वार्ड की यह सामग्री क्रय की गई थी। बैठक के बाद में किसी ने राजेश को फोन कर सूचना दी कि उनकी फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। इसके बाद उन्होंने सीएमओ को फोन कर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठा।
शुक्रवार सुबह मथुरा पहुंचे दवा सप्लायर कंपनी के राजेश शुक्ला ने सीएमओ कार्यालय में हंगामा खड़ा कर दिया। यहां मामला झगड़े तक पहुंचा देख पुलिस को बुलाना पड़ा। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो सका है। राजेश ने बताया कि उनका करीब 40 लाख रुपये विभाग पर बकाया चल रहा है। सीएमओ कार्यालय में आपसी गुटबाजी के कारण न तो उनका बकाया भुगतान मिल रहा है और न सामान को बदलने के लिए कहा गया है।