मथुरा। अनंत चतुर्दशी पर गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में होने वाले अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मथुरा से गाजे-बाजे के साथ अन्नपूर्णा रथ गोवर्धन पहुंचा। ब्रज की मल्हारों और मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भट्टी पूजन किया गया। इसके साथ ही भगवान के लिए शुद्ध देशी गाय के घी से छप्पन भोग के व्यंजन बनाने का काम शुरू हो गया।
पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी और पंडित हरदेव चतुर्वेदी ने मंत्रोच्चार के साथ भट्टी पूजन कराया। दीप प्रज्वलित करने के बाद हलवाइयों के मुखिया दिनेश उस्ताद का हल्दी तिलक किया गया। वर्ण बंधन समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने विधि-विधान से उनका वरण किया। समिति के महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने बताया कि इसी के साथ दिनेश उस्ताद को प्रभु के छप्पन भोग तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छप्पन भोग के लिए लखनऊ, बनारस, कोलकाता, भोपाल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से कारीगर गोवर्धन पहुंचे हैं। दिनेश उस्ताद के निर्देशन में कारीगर भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय विभिन्न व्यंजन तैयार करेंगे। इनमें मोहन भोग, कृष्ण भोग, पंचरत्नी लड्डू, गिलौरी, चंद्रकला, गुझिया, कलाकंद, मैसूर पाग, मिगी पाग, ठोर, मोतीचूर लड्डू, केसर, घेवर, आम्र लड्डू और संदेश सहित अनेक प्रकार के व्यंजन शामिल हैं।
छप्पन भोग के सभी व्यंजन शुद्ध देसी गाय के घी से तैयार किए जाएंगे। मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि छप्पन भोग महोत्सव से एक दिन पहले 24 सितंबर को गोवर्धन की तलहटी में स्वामी हरिदास संगीत समारोह आयोजित होगा। समाजसेवी कृष्ण कुमार कन्नू को समारोह का संयोजक बनाया गया है। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से ब्रज की धरती पर सुरों की रसधार बहाएंगे। आयोजन को लेकर समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं। इस मौके पर संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ रुन्ना, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, संयोजक अनमोल बंसल, अरविंद विसाबर, दिनेश सादाबाद, महावीर अग्रवाल, सुनील बंसल, राकेश गर्ग आढ़ती, सोमेश इंजीनियर, हरीश जैन सर्राफ, बांके सोनी, संजय जिंदल, तुषार, दिनेश मंगल, लल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।