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Mathura News: किसान नेता को उठाने पर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस चौकी को घेरा

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नौहझील। गांव कोलाहर में मंगलवार को पुलिस ने एक किसान नेता को जाम लगाने के केस में उठा लिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। भाकियू (महात्मा टिकैत) के कार्यकर्ता पुलिस चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा केस में किसी के गिरफ्तार न करने पर लगभग 7 घंटे बाद धरना खत्म कर दिया गया।
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पिछले माह 8 अगस्त को वाहन ने अपने मकान के सामने बातचीत कर रहीं दो महिलाओं रचना व कमलेश को चपेट में ले लिया था। इसमें रचना की मौत हो गई व कमलेश घायल हो गयीं। पीड़ित परिजन को मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के सामने नौहझील- गोमत रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया था। सीओ आशीष शर्मा व तहसीलदार बृजेश कुमार के मुआवजे के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया था।
मामले में 10 अगस्त को चौकी प्रभारी कोलाहर संजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने 15 नामजद व 15 अन्य सहित 30 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद 12 अगस्त को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर केस खत्म करने की मांग की। तब थाना प्रभारी सोनू सिंह ने केस में किसी को गिरफ्तार न करने और केस खत्म करने की बात कही। इधर पिछले 3-4 दिन से पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी। आरोप है पुरुषों के न मिलने पर पुलिस ने महिलाओं के साथ बर्बरता व बदसलूकी की।
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मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे पुलिस द्वारा केस में नामजद भाकियू के जिला संगठन मंत्री रामेश्वर उर्फ पप्पू मास्टर को घर के बाहर से जबरन उठाकर गाड़ी में डालकर थाना ले जाया गया। इससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सूचना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान, महासचिव राकेश चौधरी, प्रदेश सचिव भीम चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष अमित चौधरी, जिला प्रवक्ता राजपाल सिंह, आगरा मंडल अध्यक्ष संजीव चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंच गए। बाद में ग्रामीणों के साथ पुलिस चौकी के सामने धरना पर बैठ गए। धरना देख पुलिस ने रामेश्वर को छोड़ दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल ने बताया कि पुलिस की कार्यशैली को लेकर उच्चाधिकारियों से फोन पर बातचीत की गई है। ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस केस में अब कोई गिरफ्तारी पुलिस नहीं करेगी। सीओ आशीष शर्मा ने बताया कि केस की जांच पड़ताल की जाएगी। किसी निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
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