उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई। घटना के बाद से उनका सेवक अपनी पत्नी के साथ फरार है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है।
मामला वृंदावन थाना क्षेत्र के चैतन्य बिहार कालोनी के फेस-1 का है। मूल रूप से दिल्ली के एजीसीआर एनक्लेव निवासी राधेश्याम अग्रवाल (76) लगभग 25 वर्ष से यहां अपने मकान में अकेले रह रहे थे। उनके दो बेटे अरुण और अतुल कालोनी के बाहर एक अपार्टमेंट में रहते हैं। पत्नी का पांच वर्ष पहले देहांत हो चुका है। मकान के एक हिस्से में उन्होंने मंदिर बना रखा है।
मकान के अंदर कमरे का गेट खुला था
चार दिन पहले उन्होंने अमित तिवारी को मंदिर की पूजा के लिए पुजारी के रूप में रखा था। जबकि, एक माह पहले सोनू और गंगा को काम काज के लिए अपने घर में रखा था। पुजारी और सोनू राधेश्याम के मकान में ऊपरी मंजिल पर अलग-अलग कमरों में रहते थे। गुरुवार की सुबह लगभग 8 बजे राधेश्याम का नाती कृष्णा घर आया। यहां मकान के अंदर कमरे का गेट खुला था। वह दादाजी को आवाज लगाते हुए अंदर पहुंच गया।
फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए
यहां का दृश्य देख उसकी चीख निकल गई। चीख पुकार सुनकर अरुण और अतुल भी वहां पहुंच गए। सामने खून से लथपथ राधेश्याम पड़े थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। राधेश्याम की हत्या उनके सिर के पीछे के हिस्से में चोट मारकर की गई है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। हत्या के बाद से सोनू और गंगा लापता हैं।
सामान बिखरा और स्कूटी गायब है
वहीं, घर में सामान बिखरा और स्कूटी गायब है। परिवार के लोग लूट के लिए हत्या करने की आशंका जता रहे हैं। एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि बीती रात राधेश्याम की किसी ने हत्या कर दी है। उनका सेवक अपनी पत्नी के साथ मिसिंग है। घर से सामान भी गायब है। सीसीटीवी फुटेज से कुछ जानकारी मिली है। जांच की जा रही है।