दाऊजी स्वरूप पताका के साथ नंदगांव के हुरियारे
- फोटो : दाऊजी स्वरूप पताका के साथ नंदगांव के हुरियारे
नंदगांव(मथुरा)। ढोल-नगाड़ों की थाप और राधे-राधे व जय दाउदयाल के जयकारों के बीच गिडोह के के लठामार होली चौक पर रविवार को हुरंगा आयोजित हुआ। गुलाल की फुहारों के बीच नंदगांव के हुरियारों पर गिडोह की हुरियारिनों ने प्रेम पगीं लाठियां बरसाईं तो माहौल होलीमय हो उठा। इसी के साथ नंदगांव में फाग महोत्सव संपन्न हो गया।
रविवार को नंदगांव के हुरियारे पारंपरिक वेशभूषा में हाथों में ढोल, झांझ व नगाड़े और बलदाऊजी की प्रतीक ध्वजा के साथ गिडोह पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने हुरियारों गुलाल और फूलों से भव्य स्वागत किया। रसिया गाते हुए हुरियारे गांव के बीच स्थित मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने राधाकृष्ण के समक्ष होली गायन किया। हुरियारों ने बलदाऊ जी से अनुरोध किया कि वे भी उनके साथ हुरंगा में शामिल हों। हंसी-ठिठोली और मस्ती भरे गीतों के बीच हुरियारे हवेली वाली गली से होते हुए लठामार होली चौक पहुंचे। यहां 16 शृंगार में सजीं हुरियारिनें पहले से ही लठ लिए तैयार थीं। हुरियारे चुटीले संवादों के साथ उन्हें लाठी उठाने के लिए उकसाने लगे। तभी दाऊ दादा की प्रतीक ध्वजा से लठामार की आज्ञा मिलते ही हुरियारिनों ने प्रेम पगी लाठियों से हुरियारों पर प्रहार शुरू कर दिया। हुरियारे भी कम नहीं थे। लकड़ी के हत्थों से खुद को बचाने की कोशिश करते दिखे। हुरियारिनों की फुर्ती के आगे टिक पाना आसान नहीं था। करीब आधे घंटे तक चले आयोजन में हुरियारों पर पड़ती लाठियों की मार और गुलाल की रंगीन फुहारों ने माहौल को पूरी तरह होलीमय बना दिया।