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विधायकजी, ये पब्लिक है सब जानती है

Fri, 02 Sep 2016 12:42 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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यमुना सफाई के दावे भी खोखले ही निकले - फोटो : अमर उजाला
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यमुना की सफाई का दावा। जेनर्म योजना में सीवर लाइन तो बिछ गई, लेकिन शुरू नहीं हुई। सीवर के ऊपर की सड़क धंस रही है। ट्रैफिक का कोई प्लान है नहीं। कई इलाकों में पानी का संकट है। भले ही कई दूसरी एजेंसियां भी इसके लिए जिम्मेदार हों, लेकिन पब्लिक की नाराजगी विधायक से ही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विधायक ने वादा किया था यमुना की सफाई होगी। पानी निकासी की व्यवस्था चौकस करेंगे, लेकिन पूरी व्यवस्था चौपट है।
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मथुरा को नगरपालिका क्षेत्र के मानचित्र के आधार पर देखा जाए तो 45 वार्ड में पूरा शहर बंटा है। लेकिन इस समय शहर की एक भी कालोनी और मुहल्ला ऐसा नहीं है जहां समस्याओं का अंबार न हो। जरा-सी बरसात हो जाए तो शहर तालाब बन जाता है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था है ही नहीं। हालांकि इसके लिए केवल विधायक ही जिम्मेदार नहीं हैं, लेकिन जनता की उम्मीदें यहां के विधायक प्रदीप माथुर से ही थीं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम कंपू घाट पहुंची।

यहां सुरेश चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी, राजेश मित्तल, उधवलाल पाठक, रामकृष्ण एडवोकेट, दिनेश चतुर्वेदी, यामीन खान, सनी, प्रहलाद, सौरभ, कैलाश, दिनेश जाटव, श्याम, चंद्रवती, शकुंतला, सोहनदेई, कमलेश, मंगो, सरोज, रतनदेई, रमेशदास और पप्पी ने कहा कि जबसे जेनर्म योजना में सीवर लाइन डाली गई है तब से सारी सड़कें खराब हो गई हैं। सीवर का इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा है। अभी तक सीवर लाइन शुरू नहीं हो पाई है। सीवर का पानी सड़कों पर बह रहा है। 
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विधायक प्रदीप माथुर वोट मांगने तो आए, लेकिन उसके बाद नहीं दिखाई दिए। सुरेश चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना जी को शुद्ध कराने का दावा किया गया। लेकिन आज आप खुद ही हालात देख लीजिए। हमें तो लगता नहीं कि विधायक जी खुद ही साढ़े चार साल में यमुनाजी के पास पहुंचे होंगे। वहीं सदर बाजार में आढ़त मुहल्ले में दाऊदयाल बंसल, भोलानाथ गर्ग, राकेश अग्रवाल, अक्षय गर्ग, दिलीप, जगदीश मिश्रा, पप्पू, रितेश अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में नई सीवर लाइन डाली गई है, लेकिन उसका प्रयोग शुरू नहीं हुआ है। पुरानी सीवर लाइन बंद है। उसका पानी सड़कों पर आ रहा है। इन लोगों का कहना है कि वोट मांगने तो विधायक आए, लेकिन कभी उनकी समस्या नहीं सुनी। कम से कम एक बार तो आ जाते। हमें भी लगता कि हमारा विधायक हमारे साथ है। 

जयसिंहपुरा निवासी गिर्राज सविता का कहना है कि विधायक प्रदीप माथुर ने साल 2012 में हुए चुनाव में जलभराव से मुक्ति का वादा किया था, उसे वह भूल गए। आज तक जयसिंहपुरा की जनता जलभराव में जीने को मजबूर है।


जयसिंहपुरा निवासी रमेश चंद शर्मा का कहना है कि विधायक प्रदीप माथुर ने मां यमुना का प्रदूषण मुक्ति का वादा किया था, फिर यमुना प्रदूषण से मुक्त नहीं हो सकी। इससे श्रद्धालुओं को आचमन करने में परेशानी होती है।

द्वारकेश नगर कालोनी (महेंद्र नगर) निवासी अनु शर्मा ने कहा कि हाईवे से सटी कालोनी में जलभराव बना रहता है। सड़कें तो हैं ही नहीं। हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे नजर आ जाएंगे। कई बार विधायकजी से मिले पर समाधान नहीं हुआ।
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शहर की मुख्य समस्याएं
- पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं।
- सभी प्रमुख मार्गों का हाल बुरा है।
- कई इलाकों में पीने के पानी का संकट।
- बिजली का संकट तो सबसे बड़ा है।
- यमुना का पानी निरंतर दूषित हो रहा है।
- शहर के सभी प्रमुख पार्क बदहाल हैं।
- ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ाई है।
- बाजारों में जगह-जगह अतिक्रमण फैला हुआ है।
 
आज अमर उजाला की टीम छाता विधानसभा के कोसीकलां, नंदगांव और बरसाना जाएगी।
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