अल्पसंख्यक संस्थान ब्लैक स्टोन में भी तत्कालीन प्रबंधक और प्रधानाचार्या ने मिलकर गलत तरीके से 12 शिक्षिकाओं की नियुक्तियां कर लीं। अब प्रबंध समिति ने प्रधानाचार्या सहित सभी 13 शिक्षिकाओं को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है।
ब्लैक स्टोन गर्ल्स इंटर कालेज में जुलाई 2015 में प्रधानाचार्या रश्मि सिंह और प्रबंधक रूथ मोजेस ने 12 शिक्षिकाओं की भर्ती की थी। इसमें प्राइमरी और माध्यमिक दोनों ही सेक्शन शामिल हैं। आरोप है कि भर्ती प्रकरण में गलत तरीके से प्रबंध समिति से तथ्यों को छिपाते हुए भर्ती की गई। भर्ती के बाद से ही इस पर सवाल उठ रहे थे।
तत्कालीन प्रबंधक रूथ मोजेस पर कार्रवाई करते हुए प्रबंध समिति ने उन्हें हटाकर मार्च माह में बिमला लाल को कालेज का प्रबंधक नियुक्त कर दिया। अब प्रबंधक बिमला लाल ने प्रधानाचार्या रश्मि सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही गत वर्ष भर्ती हुईं 12 शिक्षिकाओं को भी निलंबित किया गया है। प्रबंध समिति ने कार्यवाहक प्रधानाचार्या दीपिका अब्राहम को बनाया है।
डीआईओएस से भी हुआ था टकराव
निलंबित प्रधानाचार्या रश्मि सिंह ने गत वर्ष एक मृतक आश्रित की नियुक्ति भी नहीं की थी। इसमें तत्कालीन डीआईओएस भास्कर मिश्रा ने प्रिंसिपल को आदेश भी दिए थे। इसके बाद भी मृतक आश्रित की नियुक्ति नहीं की गई। इसके साथ ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी की भी अनुमति मांगी गई थी। इसके लिए भी तत्कालीन डीआईओएस ने अनुमति नहीं दी थी।