विधानसभा चुनाव की रणभेरी से पहले सपा आलाकमान ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मथुरा जिला, महानगर और प्रदेश कार्यकारिणी से जुड़े पदाधिकारियों समेत सभी फ्रंटल के संगठनों को भंग कर दिया है। माना जा रहा है कि सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव राजन रिजवी के महिला बैंककर्मी को आपत्तिजनक संदेश भेजने और पीछा करने के मामले में यह निर्णय लिया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निजी सचिव गंगाराम ने पत्र जारी कर जिले की समस्त कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। पत्र के अनुसार जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष के साथ ही जिला और महानगर की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी से जुड़े पदाधिकारी और सभी फ्रंटल संगठनों को भंग किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई महिला बैंककर्मी को झांसे में लेने के लिए सपा सरकार आने पर मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन के आधार पर आईएएस बनवाने वाले मैसेज के बाद की गई है।
राजन रिजवी के सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश पदाधिकारी होने पर इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। इसके बाद मंगलवार को इस मामले में राजन रिजवी पर प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, सपा ने भी उन्हें पद से हटा दिया था। करीब एक महीने से चल रहे प्रकरण की जानकारी न देने पर पार्टी हाईकमान ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है।
अनुशासनहीनता पर दो नेताओं पर गिरी थी गाज
इससे पूर्व पार्टी में गुटबाजी और गलत गतिविधियों के आरोप में रविवार को सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद कुमार सिंह ने दो नेताओं भारत भूषण शर्मा और राघवेंद्र सिंह को निष्कासित कर दिया था।
डाॅ. राजन रिजवी के प्रकरण से पार्टी की साख पर असर पड़ा है। आलाकमान ने इसे अनुशासनहीनता माना है। आगामी चुनावों को देखते हुए अब नए और मजबूत ढांचे के साथ पार्टी को आगे बढ़ाया जाएगा।
-वीरेंद्र यादव निवर्तमान जिलाध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का फैसला सर्वोपरि है। पद रहे या न रहे, हम कार्यकर्ताओं के सम्मान और पार्टी की जीत के लिए दोगुनी मेहनत से काम करेंगे।
-रितु गोयल, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष