बरसाना। सेमीफाइनल के मैदान में सहारा अलीगढ़ ने ऐसा प्रदर्शन किया कि मुकाबला देखते ही देखते एकतरफा हो गया। बल्लेबाजी में आक्रामक तेवर और गेंदबाजी में सटीक वार के दम पर सहारा अलीगढ़ ने पंजाब पैंथर्स को 83 रनों से पटखनी देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। हर ओवर के साथ अलीगढ़ का शिकंजा कसता गया और पंजाब की उम्मीदें मैदान पर ही दम तोड़ती नजर आईं।
टॉस जीतकर पंजाब पैंथर्स ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, लेकिन यह निर्णय जल्द ही भारी पड़ गया। सहारा अलीगढ़ के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन गति तेज रखी और 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 232 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। ओपनर अंकुर चौधरी ने 21 गेंदों में 46 रनों की पारी खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद मध्यक्रम में यशवीर नागर ने 28 गेंदों पर 53 रन बनाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और स्कोर को पहाड़ जैसा बना दिया। पंजाब की ओर से आयुष, युवी और आर्यन ने तीन तीन विकेट झटके, लेकिन रन बहाव को रोकना उनके लिए संभव नहीं हो सका।
233 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब पैंथर्स की टीम दबाव में बिखरती चली गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 149 रनों पर सिमट गई। आयुष चौधरी ने 46 रनों की पारी खेलकर कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई। गौरव राघव ने धारदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट चटकाए और अपने दमदार प्रदर्शन से मैच का रुख पूरी तरह मोड़ दिया। उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
मैच के दौरान मैदान में दर्शकों का उत्साह भी चरम पर रहा। हर चौके छक्के पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही और अलीगढ़ के हर विकेट पर जश्न का माहौल बनता चला गया। अंपायरिंग की जिम्मेदारी कपिल गोस्वामी और कृष्णा महाराज ने संभाली, जबकि लव कुमार की कमेंट्री ने मुकाबले को और रोचक बना दिया। मैच के साक्षी बने कलुआ गौड़, रनवीर ठाकुर, संजय परमार, विजेंद्र परमार, चंदन फौजी और मिल्खा सिंह सहित अनेक खेलप्रेमी व क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।