केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाते में उनकी सभा से ठीक पहले एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमान की लैंडिंग कराकर बड़ी उपलब्धि डाल दी है। अब मोदी जब मथुरा में 25 मई को सरकार के एक साल की उपलब्धियों पर सभा करेंगे तो उनके पास बताने के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि रहेगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सड़क पर विमान लैंडिंग के सपने को मूर्त रूप देने के लिए मंथन में थे कि केंद्र सरकार ने रिस्क उठाकर बिना किसी शोरशराबे के सीधे एक्सप्रेसवे पर मिराज 2000 उतार दिया।
आगरा-लखनऊ के बीच बनने वाले एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता विमान की लैंडिंग के लायक बनाने पर मंथन चल रहा था। इसे लेकर चीफ कमांडर एयर मार्शल गिल के नेतृत्व में वायुसेना के अफसरों का एक दल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला भी था। इधर एक्सप्रेसवे पर लैंडिंग हो गई।
लैंडिंग स्थल से कुछ ही दूर प्रधानमंत्री मोदी की सभा होनी है। ग्रेटर नोएडा और आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे को तड़के तीन बजे से ही आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था। मथुरा में एक्सप्रेसवे पर वायुसेना के लड़ाकू विमान के उतरने के साथ ही नए इतिहास की रचना हो गई।
03 किलोमीटर का हिस्सा माना सही
मथुरा के पास का तीन किलोमीटर का हिस्सा प्लेन की लैंडिंग के लिए सही माना गया। इसकी वजह यह थी कि यह एक्सप्रेसवे के बाकी हिस्से से अधिक मोटा होने के साथ ही बेहद मजबूत पाया गया। यह हिस्सा 50 मीटर चौड़ा था। एयरफोर्स के रनवे से यह चौड़ाई अधिक थी लिहाजा कहीं से भी कोई दिक्कत नहीं आई। इसके अलावा इस स्थान पर एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 110 मीटर जमीन भी खाली थी।