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यमुना एक्सप्रेसवे पर वायुसेना ने उतारा मिराज

Thu, 21 May 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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यमुना एक्सप्रेसवे पर वायुसेना ने इतिहास बना डाला। मथुरा जिले में एक्सप्रेसवे पर सुबह लड़ाकू विमान मिराज-2000 की सफल लैंडिंग कराई गई। देश में पहली बार सड़क पर विमान उतारने के इस परीक्षण में एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता सेना के मानकों पर खरी उतरी है।
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वायुसेना के अधिकारियों ने दो किलोमीटर एक्सप्रेसवे को रनवे की तरह इस्तेमाल किया और दो बार लैंडिंग कराकर सफल उड़ान भरी। सफल परीक्षण के बाद अब इसे आपातकाल में रनवे की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा।

बृहस्पतिवार तड़के चार बजे से यमुना एक्सप्रेसवे को बंद करा दिया गया। लगभग 200 वाहनों में एक हजार से अधिक की संख्या में पहुंचे वायुसेना, सेना और पुलिस अधिकारियों ने गांव नगला तेजा के निकट किलोमीटर संख्या 115 के आसपास एक्सप्रेसवे की घेराबंदी कर ली।
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सुबह छह बजे पहले एक हेलीकॉप्टर को एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 115 पर उतारा गया। वहां से संकेत मिलने पर आधे घंटे बाद मिराज 2000 को उतारा गया। इस विमान ने दो किलोमीटर दूर (किलोमीटर संख्या 115 से 117) तक एक्सप्रेसवे को रनवे की तरह इस्तेमाल किया और उड़ान भरी।

इस दौरान मिराज विमान ने आसमान में कई चक्कर लगाए और फिर से यही प्रक्रिया दोहराई। एक्सप्रेसवे पर दो बार लैंडिंग और उड़ान भरने के सफल परीक्षण के बाद सेना और वायुसेना के अधिकारियों ने प्रसन्नता जताई।

चार घंटे चला ऑपरेशन
सुबह चार बजे से आठ बजे तक चले पूरे ऑपरेशन में दो किलोमीटर एक्सप्रेसवे के इलाके से आधा किलोमीटर पहले ही ग्रामीणों को रोक दिया गया। इसके लिए हर 10 मीटर पर जवान तैनात कर दिए गए।

मोबाइल रडार से ली सेफ लैंडिंग लोकेशन
एक्सप्रेसवे को रनवे की तरह इस्तेमाल करने और मिराज विमान की सेफ लैंडिंग व उड़ान भरने के लिए वायुसेना के अधिकारियों ने मोबाइल रडार एक्सप्रेसवे पर स्थापित कर दिए। इसी की मदद से हेलीकॉप्टर और मिराज 2000 को उतारा गया।
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यमुना एक्सप्रेस वे: फैक्ट फाइल

कुल लंबाई - 165 किमी,  चौड़ाई- 100 मीटर


सरिया, सीमेंट के साथ थर्मल प्लांट की राख से दी गई है एक्सप्रेसवे को लोहे जैसी मजबूती

आपातकाल में रनवे की तरह होगा इस्तेमाल
एक्सप्रेसवे रनवे जैसा होगा। आपात स्थिति में आगरा, मथुरा, भरतपुर से जवानों, लड़ाकू सामग्री, गाड़ियों आदि को एक्सप्रेसवे से भेजा जा सकेगा।
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