बरसाना में रोप-वे के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने कंपनी एलएएच से अनुबंध कर लिया है। यह कंपनी चित्रकूट और विंध्याचल में भी रोपवे निर्माण का काम कर रही है।
ब्रज में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। कान्हा के भक्तों की ब्रजभूमि आने वाली संख्या मां वैष्णों तक पहुंचने वाले भक्तों की संख्या से अधिक है।
इस स्थिति को देखते भक्तों और सुविधाएं प्रदान करने के लिए शासन ने राधारानी की नगरी बरसाना में पहाड़ियों पर रोपवे की सुविधा देने का निर्णय लिया। इससे अब पहाड़ियों की ऊंचाई के चलते दर्शन से वंचित होने वाले भक्त भी श्रीजी के द्वार पर माथा टेक सकेंगे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार बरसाना रोपवे के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) के टेंडर के तहत देश की चार कंपनियों ने निविदाएं डाली थीं।
इसमें उत्तर प्रदेश में ही विंध्याचल (मिर्जापुर) और चित्रकूट में रोपवे बनाने का काम कर रही कंपनी एलए होटलर्स एंड रिटरीट प्राइवेट लिमिटेड ने अनुबंध हासिल कर लिया। पीपीपी मॉडल पर तैयार होने वाले बरसाना रोपवे पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान कंपनी ने लगाया है।