जनवरी के महीने में गर्मी ने किसानों के होश उड़ा दिए हैं। गेहूं की खेती के लिए जरूरी तापमान से वर्तमान में चार डिग्री अधिक तापमान है।
ऐसे में गेहूं का उत्पादन 25 प्रतिशत तक गिरने की संभावना जताई गई है। फसल की गुणवत्ता पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल किसानों ने 1.96 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बुवाई की है, लेकिन वर्तमान में तापमान अनुकूल न होने से किसानों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं।
राया शोध केंद्र प्रभारी डा. श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि मंगलवार को दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि गेहूं के लिए इन दिनों 17 से 20 डिग्री तापमान होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ये मौसम गेहूं की खेती को प्रभावित कर रहा है।
- मथुरा में कुल 1.96 लाख हेक्टेयर में हुई है गेहूं की बुवाई
- बीते वर्ष 1.85 लाख हेक्टेयर में हुई थी गेहूं की बुवाई
- बीते वर्ष गेहूं का उत्पादन 6, 47, 500 मीट्रिक टन
इस मौसम में गर्मी ने खेती का गणित बिगाड़ दिया है। गेहूं की बाली की वृद्धि पर इसका बुरा असर पर पड़ रहा है। इसके कारण उत्पादन 25 फीसदी तक गिरने का अनुमान है, वहीं गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ेगा।
- राकेश बाबू, उपकृषि निदेशक कृषि मथुरा