वृंदावन। बृजधाम मथुरा-वृंदावन में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को विशेष भव्यता और परंपरागत श्रद्धा के साथ मनाने की तैयारी जोरों पर है। जिला प्रशासन अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। प्रशासन ने इस बार संतों, धार्मिक आचार्यों और समाज के विशिष्ट जनों को विशेष आमंत्रण भेजने की योजना बनाई है, जिससे यह पर्व आध्यात्मिक गरिमा के साथ मनाया जा सके। वहीं सभी से अपील की है कि वह इस पर्व को मिलकर शांति और उल्लास के साथ मनाएं।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि बृज में जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक संस्कृति और आस्था का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी प्रमुख संतों और विशिष्ट जनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाएगा। एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में इस आयोजन के लिए लगभग 200 से अधिक संतों और विशिष्ट व्यक्तियों की सूची तैयार हो गई है। वहीं इसमें अभी और भी नाम बढ़ सकते हैं। इस बार जन्माष्टमी स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन पड़ रही है, जिससे दोनों आयोजनों को एक साथ जोड़ने का अनूठा अवसर मिला है। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी इन संतों और अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिकता का समन्वय स्थापित हो सके।
मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांकेबिहारी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट, झांकियां और रात्रि दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। नगर निगम, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।