गोवर्धन। थाना डीग गांव इकलैरा में आरोपियों की तलाश में पहुंची थाना गोवर्धन पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनहरी ठाकुर और उसके साथी मानसिंह उर्फ मंशो को दबोच लिया है। दोनों आरोपी पुलिस पर हमला कर साथी को छुड़ाने और राजकार्य में बाधा डालने के गंभीर आरोपों में वांछित चल रहे थे।
शुक्रवार को थाना गोवर्धन पुलिस अपहरण मामले के आरोपी अमित ठाकुर को पकड़ने के लिए इकलेरा पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को वाहन से ले जाने की कोशिश की जा रही थी, तभी आरोपी के घरवालों और करीब 15-20 लोगों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस दौरान उपनिरीक्षक नितिन त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पर्स तथा मोबाइल भी छीना गया। घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की थीं। थाना ड़ीग पुलिस ने राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों आईजी भरतपुर रेंज कैलाश विश्नोई, एसपी ओमप्रकाश मीणा, एएसपी अखिलेश शर्मा, डीएसपी सीताराम बैरवा के निर्देशन में विशेष टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की।
लगातार दबिशों और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सुनहरी ठाकुर अपने साथियों के साथ इकलैरा के जंगल की ओर बने एक मकान में छिपा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि मुख्य आरोपी सुनहरी ठाकुर छत से कूदकर भागने की कोशिश में चोटिल हो गया। उसे भी पुलिस ने पकड़ लिया।
चोट लगने पर सुनहरी को राजकीय चिकित्सालय डीग में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया। दोनों आरोपियों को बाद में थाना डीग लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड प्राप्त कर लिया है। गोवर्धन पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल अन्य हमलावरों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
थाना गोवर्धन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए गांव इकलैरा में दबिश दी थी। आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इस घटना में गोवर्धन पुलिस के उपनिरीक्षक नितिन त्यागी गंभीर रूप से घायल हुए थे। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रामनरेश मीणा, थाना प्रभारी निरीक्षक ड़ीग