शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों के अभिभावकों से अतिरिक्त अभिलेख मांगने, वेरिफिकेशन के नाम पर परेशान करने और प्रवेश न देने वाले 18 निजी विद्यालयों को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने नोटिस जारी किए हैंं। इन स्कूलों ने अभी तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की है। ऐसे में इन विद्यालयों को यू-डायस पोर्टल से स्थायी रूप से हटाने तथा मान्यता रद्द करने की तैयारी है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि आरटीई में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश में लापरवाही बरतने पर 18 स्कूलों को चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। कई विद्यालय अभिभावकों से अनावश्यक दस्तावेज मांग रहे हैं और सत्यापन के नाम पर प्रवेश टाल रहे हैं, जिससे अभिभावक लगातार परेशान हो रहे हैं।
जिन स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है उनमें होली पब्लिक किड्स स्कूल, आलमगंज लोहामंडी, होली पब्लिक जूनियर स्कूल दिल्ली गेट आगरा, होली पब्लिक जूनियर स्कूल शाहगंज, दिल्ली पब्लिक स्कूल शास्त्रीपुरम, दिल्ली पब्लिक स्कूल पोइया घाट, दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल देवरी रोड आगरा, गायत्री पब्लिक स्कूल शास्त्रीपुरम, होली पब्लिक स्कूल शास्त्रीपुरम, होली पब्लिक जूनियर कॉलेज आवास विकास कॉलोनी, होली लाइट पब्लिक स्कूल साकेत कॉलोनी, गायत्री पब्लिक स्कूल, वजीरपुरा रोड मंडी सईद खां, होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा, सेंट विल्स स्कूल, नटराज एस्टेट ग्वालियर रोड, अलकनंदा एकेडमिक स्कूल ताल सेमरी, देवरी रोड, श्रीराम सेंटेनियल स्कूल, सेंट जॉर्जेज स्कूल यूनिट-2, बाग मुजफ्फर खां, रागेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल आवास विकास सेक्टर-10 समेत कुल 18 विद्यालय शामिल हैं।
बीएसए ने बताया कि यदि विद्यालयों ने तत्काल आरटीई प्रवेश नहीं दिया तो उनके खिलाफ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। चयनित बच्चों का प्रवेश रोका नहीं जाएगा और अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।