तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में पीसीएस अधिकारी बनकर लोक निर्माण विभाग में नौकरी के लगाने के नाम पर साढे 16 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। चैतन्य विहार फेज वन निवासी एक व्यक्ति ने खुद को पीसीएस अधिकारी बताकर एक दर्जन से अधिक लोगों के साथ ठगी कर डाली। पीड़ित ने पुलिस द्वारा शिकायत की अनदेखी करने पर न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
बातों में आकर नारायण ने अपने भाई पे्रम सिंह, रामप्रसाद, रोहित कुमार, लक्ष्मी ने अपने भाई नीलेश कुमार, शिवराम, मयंक, गौरव एवं अपने रिश्तेदार सचिन कुमार, राजेश कुमार, कुंजबिहारी, वीरेंद्र कुमार, दीपक कुमार, संतोष कुमार, मयंक, ब्यूटी कुमारी, अभिषेक कुमार, अजय, केशव कुमार, विशाल, अवधेश कुमार, ईश्वर कुमार, रानी कुमारी, कपिल, हरिओम, सुनहरी लाल कृष्णगोपाल शर्मा, दीपक शर्मा, मूलचंद, गौरव, राहुल, लक्ष्मण ने अपने शैक्षिक प्रमाणपत्र दिए और कुछ से नकद और कुछ से कई बैंक खातों में धनराशि लेली और अनुराग के बैंक खाते में 16 लाख 50 हजार रुपए जमा कर दिए।
पीड़ित नारायण ने इस मामले में कोर्ट में एफआइ्र्रआर दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर वृंदावन कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी मुकदमा एक व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है। उचित कार्रवाई की जाएगी।