फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनवान व्यक्ति वही जो तन, मन, धन से सेवा व भक्ति करे : अनिरुद्धाचार्य

विज्ञापन
मथुरा। भागवत कथा कहते अनिरुद्धाचार्य महाराज - फोटो : mathura
विज्ञापन
नौहझील (मथुरा)। भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन, धन से सेवा-भक्ति करे। कहा कि सभी को गो माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की सेवा हो जाती है। भगवान ने ब्रजरज का सेवन कर यह दिखाया कि जिन भक्तों ने मुझे अपनी सारी भावनाएं व कर्म समर्पित कर रखें हैं वे मेरे कितने प्रिय हैं। भगवान स्वयं अपने भक्तों की चरणरज मुख के द्वारा हृदय में धारण करते हैं।
विज्ञापन



अनिरुद्धाचार्य श्रीझाड़ी हनुमानजी मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन व्यास पीठ से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन कर रहे थे। शुभारंभ महंत रामरतन दास महाराज ने व्यासपीठ की आरती उतारकर व माल्यार्पण कर किया। छप्पन भोग लगाए गए। कथा व्यास ने पूतना वध का वर्णन करते हुए बताया कि माता यशोदा जब कृष्ण को पूतना के वक्षस्थल से उठाकर लाती हैं तो पंचगव्य, गाय के गोबर, गोमूत्र से भगवान को स्नान कराती हैं। पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके जब श्रीकृष्ण को पुकारा तब वह पृथ्वी पर आए हैं।
महाराजजी ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी अपने धर्म, भगवान को नहीं जानती, अपने धर्म को जानना चाहते हो तो पहले गीता, भागवत, रामायण पढ़ो। इन्हें पढ़ने से तुम ही नहीं तुम्हारी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारी हो जाएगी। गिरिराज पूजन की कथा का श्रवण कराया। मधुर भजनों का भक्तों ने खूब आनंद उठाया। प्रधान प्रशांत गुप्ता, सुधीर चौधरी, वीर राजपूत, बसंत, राकेश, विवेक चौधरी, उमाकांत शर्मा, मुकेश अग्रवाल, जमुना शरण कटारा, मांगे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन



आज आएंगे गिरिराज सिंह
विधायक राजेश चौधरी के पीए जसवंत सिंह ने बताया कि कथा में आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह व 4 मई बुधवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह आएंगे।


मीराबाई की कृष्ण भक्ति देख मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

श्रीझाड़ी हनुमानजी मंदिर परिसर में रविवार रात निंबार्क रासलीला मंडल के कलाकारों ने श्रीकृष्ण की परम भक्त मीराबाई की भक्ति चरित्र लीला का मंचन किया। लीला देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये। शुभारंभ महंत रामरतन दासजी महाराज ने राधा-कृष्ण के स्वरुपों की आरती उतारकर व माल्यार्पण कर किया।कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि राजपरिवार में जन्मी मीराबाई के बाल मन में कृष्ण की ऐसी छवि बसी कि यौवन काल से लेकर मृत्यु तक मीरा ने कृष्ण को ही अपना सब कुछ माना। कालांतर में मीराबाई द्वारिका में द्वारिकाधीश रणछोड़जी के विग्रह में विलीन होकर श्रीकृष्ण के परम धाम चलीं गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें