बलदेव, मथुरा। एससी-एसटी न्यायालय के आदेश पर बलदेव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित तीन डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ नसबंदी आपरेशन व प्रसव पीड़ा के दौरान लापरवाही बरतने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्राप्त जानकारी अनुसार बलदेव थाने में एससी-एसटी न्यायालय के आदेशानुसार पीड़ित रामवीर (35 वर्ष) स्थाई निवासी नगला स्वरूपा हाथरस, वर्तमान में बलदेव के गांव जादौपुर निवासी हैं। इन्होंने कोर्ट के माध्यम से आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी शैलेश देवी पर पहले से तीन बच्चे थे। पत्नी शैलेश का 2021 में नसबंदी ऑपरेशन कराया था। सीएचसी, बलदेव पर लापरवाही से नसबंदी ऑपरेशन असफल हो गया, जिससे वह 2024 में गर्भवती हो गई। इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 23 जनवरी 2025 को गर्भवती शैलेश को प्रसव पीड़ा हुई तो सीएचसी बलदेव पर भर्ती कराया गया।
सामान्य डिलीवरी में पुत्र पैदा हुआ, लेकिन सही देखरेख व सही इलाज न मिलने से नवजात की मृत्यु हो गई। फिर पत्नी शैलेश की तबीयत बिगड़ती चली गई और आखिर में लापरवाही से पत्नी की भी मौत हो गई। 3 फरवरी 2025 को स्वास्थ्य सचिव के बलदेव आने पर वहां शिकायत की गई, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में बलदेव थाने में सीएचसी प्रभारी डॉ विजेंद्र सिंह सिसोदिया व डॉ ललित, डॉ पूनम मिश्रा, डॉ जसोदा व स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ संजीव राय व थाना अध्यक्ष रंजना सचान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर चिकित्सा प्रभारी व तीन डाक्टरों व स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।संवाद