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Mathura News: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, कानूनगो और लेखपाल समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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मथुरा। गांव खुशीपुरा में चारपाई पर बैठकर पंखे की हवा खाते पुलिसकर्मी।  - फोटो : mathura
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चौमुहां (मथुरा)। राजस्व टीम के सामने किसान पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाकर हत्या करने के प्रयास में पीड़ित के बेटे ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, गांव के अन्य दो लोगों के साथ-साथ कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ जैंत थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल होने से पुलिस बल तैनात किया गया है।
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दरअसल, जैंत के खुशीपुरा गांव के रहने वाले सत्यभान का परिवार खांडसारी सहकारी समिति पर कब्जा किए हुए हैं। वहीं गांव के कुछ लोगों की भी इस जमीन पर नजर है। गांव के लोगों की शिकायत के बाद राजस्व की टीम ने भूमि खाली कराने का निर्णय लिया था। सत्यभान के परिवार को जमीन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने जमीन से कब्जा नहीं हटाया। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, कानूनगो राजेंद्र राणा और लेखपाल कपिल उपाध्याय टीम के साथ गांव में जमीन खाली कराने पहुंचे। टीम ने जैसे ही हाइड्रा की मदद से जमीन से भूसे की बुर्जी, बिटौरा और शौचालय को तोड़ने का प्रयास किया तो सत्यभान के परिवार वाले विरोध करने लगे।
पीड़ित के बेटे सत्यप्रकाश उर्फ कल्लू ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि इसी दौरान लेखपाल कपिल उपाध्याय के कहने पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतन मलिक, राजकुमार, विश्वचेंद्र उर्फ सोनी ने उनके पिता पर डीजल उड़ेल दिया और हत्या करने की नीयत से आग लगा दी। कानूनगो और नायब तहसीलदार खड़े-खड़े देखते रहे। उन्होंने इस मामले में पांचों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं किसान सत्यभान की हालत में दूसरे दिन भी सुधार नहीं हुआ है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है। इधर, घटना के बाद गांव में तनाव बरकरार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने गांव में पुलिस बल तैनात कराया है। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया है कि मामले की जांच के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित के बेटे सत्यप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एकजुट होकर दंगा कराने, हत्या का प्रयास और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें बीएनएस की धारा 191(2), 109 और 324(4) की धारा शामिल हैं।
कई बिंदुओं पर जांच
इधर, प्रकरण की प्रशासनिक जांच में कई बिंदु मिले हैं। करीब 700 लोगों की आबादी वाला यह गांव मेरठ क्षेत्र से आई जाट बिरादरी से आबाद है। इन्हीं में से करीब बीस लोगों का सत्यभान का परिवार शामिल है। इनका परिवार यहां पर वर्ष 1995 में आकर बसा था। भूमि के एक हिस्से पर इनके झोपड़ी बनी है। जबकि खंडसारी समिति की 0.25 हेक्टेयर गाटा संख्या 1224 भूमि पर इनका शौचालय, बुर्जी, बिटौरा बने हुए हैं। इसी जमीन पर गांव के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तीन लोगों की नजर है। जमीन खाली करने के नोटिस पर सत्यभान के परिवार ने गवाहों की मौजूदगी में नौ जुलाई को पत्र लिखकर सात दिन के अंदर भूमि को खाली करने का आश्वासन दिया था।
दिल्ली में इलाज कराने से किया इंकार
फिलहाल सत्यभान की हालत गंभीर है। प्रशासन ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें दिल्ली रेफर करने को कहा था, लेकिन परिवार वाले इंकार करने लगे। परिजन का कहना है कि यहीं बेहतर इलाज हो सकेगा। दिल्ली तक जाने में परेशानी होगी।

वर्जन
जांच में खंडसारी की भूमि पर सत्यभान पक्ष का अवैध कब्जा मिला है। ये सालों से इस जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं। फिलहाल प्रशासन की पीड़ित का बेहतर उपचार कराना प्राथमिकता है। पीड़ित के परिवार की तहरीर पर पांच के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
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- डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम एफआर
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