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Mathura News: 1.74 करोड़ की ठगी में 4 साल से वांछित श्रीनगर से गिरफ्तार

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नौहझील (मथुरा)। थाना पुलिस ने करीब चार साल से वांछित आरोपी को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद रफीक मीर निवासी श्रीनगर, अंजीमार खनियार, गंदरू मस्जिद के पास का निवासी है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2020 में नौहझील थाने में 1 करोड़ 74 लाख रुपये की ठगी और धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद से आरोपी वांछित था। पीड़िता ने बताया कि नौहझील थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के समीप हुआ था।
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जानकारी के अनुसार इस मामले की शुरुआत नोएडा निवासी शिकायतकर्ता शेफाली कौल की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। रफीक मीर और उसके सहयोगियों ने कश्मीरी कालीन के कारोबार के नाम पर पीड़िता से 1 करोड़ 74 लाख रुपये की रकम उधार ली थी। रकम के बदले आरोपियों ने अपनी कंपनी मेसर्स इंडो कश्मीर एक्सपोर्टर्स के नाम से 15-15 लाख रुपये के कई सुरक्षा चेक और कमिटमेंट नोट दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने अपना एसबीआई बैंक खाता बंद करवा दिया। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने फर्जी बैंक चेक दिए थे।
हाई-प्रोफाइल मामले में कुल आठ लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें रफीक मीर, उसकी पत्नी कौनसर जान, सलीक मीर, रियाज मीर, आरिफ मीर, सजाद मीर, लतीफ मीर और फातिमा मीर शामिल हैं। इनमें से लतीफ मीर और उसकी पत्नी फातिमा मीर नेपाल के रास्ते देश छोड़ गए। साल 2020 में पुलिस ने इस मामले के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान आरोपियों ने पैसा लौटाने की इच्छा जताई। दोनों पक्षों में एक समझौता हुआ, जिसके बाद पीड़िता ने अनापत्ति प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। इसके आधार पर आरोपियों को सशर्त जमानत मिली, लेकिन कश्मीर वापस लौटते ही आरोपियों ने फिर से सभी चेक का भुगतान रुकवा दिया।
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आरोपियों की फिर से धोखाधड़ी को देख इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 अगस्त 2022 को सभी जमानत निरस्त कर दी। इसके बाद मामला सर्वोच्च अदालत पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2022 को निर्देश दिया था कि इस मामले के चार आरोपी नोएडा की एक अन्य एफआईआर में पकड़े जा चुके हैं, इसलिए शेष दोनों मुख्य आरोपी रफीक मीर और उसकी पत्नी तीन सप्ताह में मथुरा कोर्ट में आत्मसमर्पण करें, लेकिन दोनों ने अदालत के आदेश की अवहेलना की और समर्पण नहीं किया। इसके बाद एसएसपी मथुरा के निर्देशानुसार नौहझील थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने एसएसपी श्रीनगर और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर श्रीनगर से 30 जून की रात करीब साढ़े 9 बजे आरोपी मोहम्मद रफीक मीर को नारवारा ईदगाह के पास से दबोच लिया गया, जबकि उसकी पत्नी कौनसर जान मौके से भागने में सफल रही।
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