मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बसने वाली राया हेरिटेज सिटी में वृंदावन-मथुरा की विरासत की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी। इसका काम तीन चरणों में होगा। मार्च माह में लखनऊ में हुई बैठक में सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड ने भी परियोजना की डीपीआर को मंजूरी दे दी थी।
स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्य में पहले चरण में 6 हजार करोड़ रुपये का खर्च होने की उम्मीद है। बता दें कि करीब 1200 करोड़ रुपये का खर्च केवल जमीन खरीदने के लिए किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत 12 गांव आएंगे। पूरा काम तीन चरणों में होगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 10 साल का समय लगेगा। प्रथम और द्वितीय चरण में 3-3 साल का समय लगेगा। उसके बाद तीसरे चरण का कार्य पूरा किया जाएगा। हेरिटेज सिटी के प्रथम चरण का विकास 735 एकड़ में किया जाएगा। हेरिटेज सिटी के विकास के साथ प्राधिकरण ने एक परियोजना तैयार की है, जिसमें जल स्रोतों को संरक्षित किया जाएगा। न केवल नदियों और नहरों के पानी को बल्कि इस योजना के तहत सरोवर के पानी को भी संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए 30 मीटर का बफर जोन तैयार किया जाएगा।
ये होगी हेरिटेज सिटी की खासियत
राया में बनने वाली हेरिटेज सिटी में हाट बाजार, लाइट साउंड शो, हस्तशिल्प बाजार, आश्रम, घाट, वन, लेक एवं वाटर बॉडी, मथुरा, कला तथा सांस्कृतिक, योगा केंद्र एवं प्राकृतिक चिकित्सालय, पार्क, ध्यान केंद्र, धर्मशाला, कथा वाचन केंद्र और चिकित्सालय को शामिल किया गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे को बांके बिहारी मंदिर से जोड़ा जाएगा
हेरिटेज सिटी के विकास के साथ यमुना एक्सप्रेस वे को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट को 101 या 102 किलोमीटर के बीच करीब 6.9 किलोमीटर के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर बांके बिहारी मंदिर से जोड़ा जाएगा। इसका प्रथम चरण 6 लेन का होगा। इससे लोगों जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इतना ही नहीं इसके साथ ही पार्किंग के लिए एक हब का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 8 हजार फ्लैट का निर्माण किया जाएगा, जो मुख्य तौर पर विधवाओं और संन्यासियों के लिए होंगे।