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Mathura News: मानकों के विपरीत निर्माण मिलने पर कार्यदायी संस्था पर 15 लाख का जुर्माना लगाया

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फुटपाथ पर लगे टाइलों के मानकों को परखते नगर आयुक्त व इंजीनियर। 
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मथुरा। डिबार की कार्रवाई के बाद भी कार्यदायी संस्था महाविद्या कॉलोनी में मनमाने तरीके से सड़क का निर्माण करा रही है। सोमवार को नगर आयुक्त जग प्रवेश को निर्माण कार्य में कई खामियां मिलीं। कहीं भूमिगत विद्युत लाइन के चैंबर गलत बना दिए तो कहीं फुटपाथ पर लगी टाइलें चंद दिनों में क्रेक हो गईं। उन्होंने कार्यदायी संस्था पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और काली सूची में डालने की चेतावनी दी। पीडब्ल्यूडी के जेई और एई पर निलंबन की तलवार लटक गई है।
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अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत गोविंद नगर क्षेत्र में 01.7 किमी सड़क का निर्माण हो रहा है। इसका टेंडर 18.16 करोड़ रुपये में नेशनल हाईवे कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। कार्यदायी संस्था ने नवंबर 2024 में निर्माण कार्य शुरू किया, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार शुरुआत से ही धीमी रही। अधिकारियों व महापौर ने पूर्व में कई बार कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी। इसके बावजूद कार्य ने रफ्तार नहीं पकड़ी। इसी लापरवाही के चलते बीते दिनों नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था को डिबार घोषित कर दिया था। इसके बाद भी ठेकेदार ने न कार्य की गति बढ़ाई और न ही गुणवत्ता में सुधार किया।
सोमवार को नगर आयुक्त ने निरीक्षण किया तो निर्माण मानकों के विपरीत मिला और गुणवत्ता भी खराब मिली। निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने के निर्देश दिए। साथ ही पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता कुंवर आशीष (जेई) व सहायक अभियंता सिविल मनोज सेंगर (एई) के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा है। उन्होंने निर्धारित समय फरवरी 2026 तक कार्य संपन्न करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि कहा कि अगर भविष्य में निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण कार्य नहीं मिला तो अनुबंध के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चैहान मुख्य अभियन्ता, पार्षद नीरज वशिष्ठ समेत अन्य मौजूद रहे।
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निर्माण कार्य में ये मिलीं कमियां
भाजपा नेता रहे हरीश राघव की कोठी के पास फुटपाथ पर लगी टाइलों में क्रेक और मानक के विपरीत मिलीं। महाविद्या चौराहे एवं शौचालय के पास विद्युत केबलों के लिए बनाए गए चैंबरों का आकार गलत मिला। सीवर चैंबरों का समतलीकरण मानक विपरीत मिला। निर्मित डिवाइडर मानक के अनुसार नहीं पाए गए। बिना सफाई कराए ही नाले का स्लैब डाल दिया।

इंजीनियरों पर होगी निलंबन की कार्रवाई

नगर आयुक्त ने पहले भी जेई और एई को निर्माण कार्य की निगरानी से हटाने के लिए कहा था लेकिन पीडब्ल्यूडी ने इसके बाद भी अमल नहीं किया। अब नगर आयुक्त ने दोनों को निलंबित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर भेजा है।
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