नौहझील। थाना क्षेत्र के गांव मसंदगढ़ी में एक परिवार पर घर में घुसकर गाली- गलौज कर लाठी- डंडों से हमला करने व महिलाओं से अभद्रता व मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर रिपोर्ट न लिखने और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का गंभीर आरोप लगाया है।
गांव मसंदगढ़ी निवासी पीड़ित भूरा पाठक ने न्यायालय को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि 12 अगस्त 2025 को दोपहर करीब 1 बजे वह अपने घर पर खाना खा रहे थे। उनके साथ उनका पुत्र रिंकू भी मौजूद था। तभी गांव के ही नामजद युवक लाठी-डंडे लेकर उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज शुरू कर दी।आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने पुत्रवधू सरोज व सीमा को पकड़कर मारपीट की तथा उनके साथ अभद्रता की। विरोध करने पर उनके पुत्र के साथ हथियारों से मारपीट की। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
पीड़ित का कहना है कि घटना की रिपोर्ट लिखवाने के लिए वह पुत्र रिंकू और महिलाओं के साथ थाने पंहुचे, लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर नहीं लिखी। बल्कि उनको ही थाने में बैठा लिया। आरोप है कि पुलिस ने रात में करीब 10 बजे उन्हें तो छोड़ दिया, लेकिन राजनीतिक दवाब के कारण उनके पुत्र रिंकू का शांति भंग में चालान कर दिया।
पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को भी लिखित शिकायत भेजी, परंतु अब तक रिपोर्ट दर्ज न होने के कारण न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। पुलिस के अनुसार न्यायालय के आदेश पर गांव मसंदगढ़ी निवासी 5 नामजदों खेमचंद उर्फ डबलू, रामभरोसी, त्रिवेन्द्र उर्फ कालू, विकास उर्फ विक्की व लक्ष्मण के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।