फोटो 2: गांव नगला देविया में मकान में गिरी गाटर व पट्टियां
सौंख। गांव नगला देविया में घर की जर्जर छत ढह गई। हादसे में परिवार के पांच सदस्य दबकर गंभीर घायल हो गए। इनमें 11 साल के बालक की मौत हो गई। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से जयपुर रेफर कर दिया। हादसे का कारण छत का जर्जर गर्डर बना।
मगोर्रा के गांव नगला देविया की रहने वालीं बबीता पत्नी स्वर्गीय रामदास रविवार की रात अपने घर में बड़े बेटे अर्जुन (11), शिवा (8) और सास रामरती देवी, जेठानी की पुत्री शशि के साथ एक कमरे में सो रहे थे। सोमवार को सुबह करीब 6 बजे जेठ नेकराम अपनी मां रामरती से बातचीत करने के लिए आए थे। तभी कमरे की छत में लगा पुराना गर्डर भरभरा कर गिर पड़ा। छत में लगीं पत्थर की पटियां भी नीचे गिर गईं। पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीखपुकार होने पर ग्रामीणों ने मलबा हटाकर महिला और बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में अर्जुन (11) की मौैके पर ही मौत हो गई, जबकि बबीता, रामरती, शशि और नेकराम घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा। भरतपुर हॉस्पिटल से हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने घायलों को जयपुर एसएमएस अस्पताल में रेफर कर दिया। गांव के संजय कुमार ने बताया कि घर मे मौजूद लोगों के ऊपर अचानक पूरी छत गिर गई। उन्होंने बताया कि अर्जुन के पिता रामदास की पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। मां बबीता मजदूरी करके बच्चों को पाल रही थी। सीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मकान गिरने से बालक की मौत हो गई है। घायलों का जयपुर में इलाज चल रहा है।
फोटो 2: गांव नगला देविया में मकान में गिरी गाटर व पट्टियां