मथुरा। कोर्ट की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों के लिए जल्द ही जैंत क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये की लागत से 45 एकड़ जमीन में सुरक्षा वाहिनी के परिसर का निर्माण होगा।
कोर्ट की सुरक्षा के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल का गठन किया। इसके गठन के पीछे सिविल पुलिस का काम कम करना प्रमुख उद्देश्य तो था ही, साथ ही कचहरी, मंदिर, एयरपोर्ट की सुरक्षा करना भी प्रमुख है। कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था एसएसएफ की चौथी वाहिनी के जवान संभाले हुए हैं। दिन में करीब 70 जवान कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में लगते हैं। जबकि रात को भी कचहरी परिसर इन्हीं की सुरक्षा व्यवस्था में रहता है। कुल एक सैकड़ा से अधिक जवान रात और दिन में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहते हैं।
एसएसएफ के जवानों को वर्तमान में रांची बांगर में बने पीएसी परिसर में बने आवास में रहना पड़ रहा है। इसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने जैंत क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये की लागत से 45 एकड़ जमीन में एसएसएफ के लिए अलग से परिसर तैयार करने का फैसला लिया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है और जमीन के समतलीकरण और सफाई के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव बनाकर भी दे दिया है। परिसर में अधिकारियों और जवानों को अपने परिवार के साथ रहने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही यहां अधिकारियों के कार्यालय, जिम, सभाकक्ष, पार्क, स्कूल, अस्पताल, परेड ग्राउंड की सुविधा भी मिलेगी।
अलीगढ़ और आगरा कचहरी की सुरक्षा भी है एसएसएफ के हवाले
- मथुरा कचहरी के अलावा आगरा और अलीगढ़ कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था भी एसएसएफ की चौथी वाहिनी के हवाले हैं। यहां भी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में एसएसएफ के जवान रात-दिन तैनात रहते हैं।
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जैंत में वाहिनी के परिसर निर्माण के लिए जमीन की सफाई और समतलीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 22.61 लाख रुपये खर्चे का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव को शासन को भेज दिया है। जल्द ही धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
विकास राय, न्यायालय जिला प्रभारी एसएसएफ