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डीएम से नाराज होकर लौटीं फतेहपुर सांसद

Tue, 28 Oct 2014 05:30 AM IST
Mathura
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मथुरा। गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित सैकड़ों किसानों की समस्या लेकर मथुरा आईं फतेहपुर की सांसद और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति डीएम के न मिलने पर नाराज होकर लौट गईं। आरोप है कि यहां तय कार्यक्रम के बावजूद डीएम उन्हें नहीं मिले। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश से करने और मामले को संसद में उठाने की बात कही है।
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करीब डेढ़ दशक से गोकुल बैराज डूब क्षेत्र मेें प्रभावित किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर डीएम से वार्ता के लिए फतेहपुर की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति सोमवार को मथुरा आई थीं। इसके लिए मथुरा डीएम कार्यालय से समय भी तय कर लिया था। डीएम करीब दोपहर 12:15 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर समन्वयक समिति की बैठक में भाग लेने के चले गए। सांसद फतेहपुर और डीएम मथुरा के बीच चंद मिनट का अंतर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।
इस पर सांसद निरंजन ज्योति नाराज हो गईं। एडीएम प्रशासन ने सांसद के समक्ष डीएम के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर बैठक में जाने की बात बताई, लेकिन इससे वह सहमत नहीं हुईं। उन्होंने किसानों की समस्या के संबंध में डीएम के नाम पत्र भी एडीएम प्रशासन को नहीं दिया।
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भाजयुमो कार्यकर्ताओं नेे डीएम पर षड्यंत्र के तहत मुलाकात न करने का आरोप लगाया है। भाजयुमो प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद ने इस मुद्दे पर आंदोलन की घोषणा की है। इस मौके पर भाजपा नेता प्रदीप गोस्वामी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष चौधरी सत्यपाल, महामंत्री पवन हिंडोल, प्रदेश कार्यक्रम मंत्री आशीष गोस्वामी, मेरुकांत पांडेय, अलोकिक वर्मा, दिनेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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‘इंतजार के बाद गए बैठक में’
डीएम राजेश कुमार का कहना है कि सांसद के आगमन के संबंध में भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कार्यालय में फोन से सूचना दी थी। जन्मस्थान पर पूर्व निर्धारित बैठक के कारण कार्यालय स्टाफ ने उनसे सुबह 11:30 बजे तक मुलाकात करने को कहा था। डीएम के अनुसार उन्होंने 12:15 बजे तक इंतजार किया। सांसद के न आने की स्थिति में 12 बजे से शुरू होने वाली जन्मस्थान समन्वयक समिति की बैठक में भाग लेने गए। बैठक के दौरान सांसद के आगमन की सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन को सांसद से अनुरोध करने को निर्देश दिए कि वह आधे घंटे में कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन सांसद ने न एडीएम को अपना ज्ञापन दिया और न मुलाकात के लिए इंतजार किया।
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